उत्तर प्रदेश: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला है। 29 मार्च 2026 को लखीमपुर खीरी की एक विशाल जनसभा में उन्होंने युवाओं, महिलाओं, संविदा कर्मचारियों और आम जनता के लिए राहत के कई ऐतिहासिक वादे किए थे। जिसपर हाल ही में 9 सितंबर को पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर इस भाषण के मुख्य अंश साझा किए गए हैं, जिसने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक नई और जोरदार हलचल पैदा कर दी है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने भाषण में सबसे कड़ा प्रहार राज्य की बिजली व्यवस्था और स्मार्ट मीटरों की बढ़ती समस्या पर किया। उन्होंने जनता से सीधा संवाद करते हुए तंज कसा कि पहले जहां 300-400 रुपये का बिल आता था, वहां अब हजारों का बिल आ रहा है, जैसे यूपी में बिजली सोने के तारों से आ रही हो। इस लूट से जनता को बचाने के लिए उन्होंने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, पुराने सभी बिजली बिल पूरी तरह माफ करने और बिजली की दरों को सीधे आधा करने की बड़ी घोषणा की है।
गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं के सुनहरे भविष्य को लेकर भी आजाद ने एक ठोस रूपरेखा पेश की। उन्होंने ऐलान किया कि तहसील स्तर पर आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) जैसी शीर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिल्कुल निशुल्क कोचिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, स्थानीय बच्चों को बेहद कम शुल्क पर पढ़ाई का बेहतरीन माहौल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका स्तर पर अत्याधुनिक 'हाईटेक लाइब्रेरी' का निर्माण कराया जाएगा। खेल-कूद से जुड़ी योजनाओं को भी जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
आउटसोर्सिंग और संविदा के नाम पर कर्मचारियों के हो रहे शोषण को खत्म करने का चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा संकल्प लिया। उन्होंने मंच से साफ किया कि उनकी सरकार बनने पर संविदा व्यवस्था को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा और सभी विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर उन्हें कम से कम 25,000 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन दिया जाएगा। आशा बहनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजनमाताओं और सहायिकाओं को भी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने और दर्जा मिलने तक 25,000 रुपये का सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित करने का वादा किया गया है।
मैनुअल सफाई के अमानवीय चलन को पूरी तरह से खत्म करने की दिशा में भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। नगर पंचायत, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक केवल मशीन आधारित सफाई व्यवस्था लागू करने का विजन पेश किया गया।
आजाद ने आश्वस्त किया कि सफाई कर्मचारियों और लगातार हादसों का शिकार होने वाले संविदा लाइनमैनों को पक्की नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही इन सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, दुर्घटना बीमा और कैशलेस इलाज की पूरी सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा देने की गारंटी दी गई है। सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा पुनः बहाल की जाएगी।
रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भी चंद्रशेखर आजाद का विजन बेहद स्पष्ट नजर आया। रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को अतिक्रमण की कार्रवाई से बचाने के लिए विशेष वेंडिंग ज़ोन बनाकर सुरक्षित बाजार दिए जाएंगे। पुराने वाहनों को राहत देने के लिए वन टाइम टैक्स प्रणाली में बड़ा संशोधन किया जाएगा। साथ ही, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आसान ऋण, मुफ्त बिजली और तमाम सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ से जोड़ने का वादा कर उन्होंने हर वर्ग को साधने की सफल कोशिश की है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें