
उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के भीतर एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने भतीजे और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को बीएसपी से पूरी तरह से मुक्त (आजाद) कर दिया है। यह चौंकाने वाला फैसला आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास की घोषणा के बाद सामने आया है। मायावती ने साफ संदेश दिया है कि जो लोग बहुजन मिशन से ज्यादा अपने पारिवारिक और निजी स्वार्थों को तरजीह देते हैं, उनका पार्टी में कोई भविष्य नहीं है।
बीते बुधवार को मायावती ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ अपने दामाद का राजनीतिक भविष्य बचाना चाहते हैं, तो उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। इसके बाद जब सिद्धार्थ ने संन्यास की घोषणा की, तो बीएसपी प्रमुख ने इसे 'देर से उठाया गया सही कदम' बताया। उनका मानना है कि अगर यह फैसला बहुत पहले ले लिया गया होता, तो बीएसपी और खुद आकाश आनंद को लगातार मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।
आपको बता दें कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अशोक सिद्धार्थ को इसी साल 2 अगस्त को दूसरी बार बीएसपी से निकाला गया था। इससे पहले पिछले साल फरवरी में भी उन्हें निष्कासित किया गया था, हालांकि माफी मांगने के बाद सितंबर में उनकी वापसी हो गई थी।
आकाश आनंद पर मायावती का भरोसा टूटने की मुख्य वजह उनके ससुर का प्रभाव रहा है। मायावती ने बताया कि आकाश ने उनके उस सोशल मीडिया संदेश को भी रीपोस्ट करना जरूरी नहीं समझा, जो उनके ही भले के लिए लिखा गया था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अपने करियर और बहुजन मूवमेंट से कहीं अधिक पारिवारिक रिश्तों से बंधे हुए हैं।
मायावती के अनुसार, इसी 'डबल माइंड' स्थिति में आकाश पार्टी का भला नहीं कर सकते। इसलिए, जिस तरह 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाकर एक आम कार्यकर्ता बना दिया गया था, उसी तरह अब उन्हें पार्टी से पूरी तरह आजाद कर दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल 3 मार्च को भी उन्हें इसी प्रभाव के चलते पार्टी से निकाला गया था और अप्रैल में उन्हें वापस लिया गया था।
इन बड़े संगठनात्मक बदलावों के बीच, मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के संघर्षों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की पहचान त्याग और स्वार्थरहित राजनीति की है। बीएसपी प्रमुख ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे विरोधियों के हर हथकंडे का डटकर सामना करें। उनका एकमात्र और सर्वोच्च लक्ष्य उत्तर प्रदेश में 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीतियों पर चलने वाली पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना है, जिसके लिए सबको तन, मन और धन से जुटना होगा।
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