
बिहार: पूर्वी चंपारण जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद से राज्य का सियासी पारा एक बार फिर से गरमा गया है। विपक्ष ने शराबबंदी को पूरी तरह से विफल बताते हुए इसके खराब क्रियान्वयन को लेकर नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला है।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के अनुसार, मोतिहारी के तुरकौलिया और रघुनाथपुर इलाकों में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सिलसिले में अब तक 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, फिलहाल कम से कम पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, सात अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा। प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तुरकौलिया पुलिस स्टेशन के एसएचओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पहले पीड़ित ने रघुनाथपुर इलाके में कथित जहरीली शराब का सेवन किया था।
पुलिस की कई टीमें एंटी-लिकर टास्क फोर्स (ALTF) के साथ मिलकर परसौनी, मुशहरी टोला और तुरकौलिया में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि शराब सप्लायर की पहचान कर ली गई है और उसे बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही घटना की एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
साल 2016 से बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद हुई इस घटना ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि यह मौतें शराबबंदी लागू करने में रह गई भारी कमियों को उजागर करती हैं।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि अप्रैल 2016 से अब तक राज्य में जहरीली शराब के कारण 1,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है और इसके कारण कई लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी तक खो दी है।
राजद नेता ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून सत्ताधारी गठबंधन के कुछ सदस्यों, भ्रष्ट अधिकारियों और संरक्षण में काम कर रहे शराब माफियाओं के लिए एक लाभदायक व्यवसाय बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कथित मिलीभगत से अवैध शराब खुलेआम बनाई और बेची जा रही है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालांकि शराबबंदी नीति अच्छे इरादे से लाई गई थी, लेकिन जमीन पर इसका क्रियान्वयन पूरी तरह से अप्रभावी रहा है।
दूसरी तरफ, जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने तुरकौलिया गांव का दौरा किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों से बातचीत कर उनका हाल जाना। उन्होंने इस घटना के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शराबबंदी को लागू करने में इसे एक बड़ी विफलता बताया। भारती ने यह भी याद दिलाया कि साल 2023 में भी मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 44 लोगों की जान चली गई थी।
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