
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक स्कूल के पास सूखी पत्तियों और कूड़े के ढेर में आग लगने से जहरीला धुआं फैल गया। इस धुएं की चपेट में आने से कम से कम 26 स्कूली बच्चों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी घटना तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में स्थित ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल के पास की है। स्कूल से सटे एक खाली प्लॉट में कचरे और पत्तों में लगी आग का धुआं तेजी से स्कूल परिसर के अंदर भर गया। दमघोंटू धुएं के कारण छात्रों को अचानक घबराहट और श्वसन संबंधी समस्याएं होने लगीं।
बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें आनन-फानन में सेवरही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बिना देरी किए बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। सही समय पर इलाज मिलने से बच्चों की सेहत में सुधार होने लगा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर 11 बच्चों को कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। वहां डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद उन सभी बच्चों को भी स्थिर और पूरी तरह स्वस्थ पाकर डिस्चार्ज कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला भी तुरंत हरकत में आ गया। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आकांक्षा मिश्रा ने सीधे सीएचसी पहुंचकर इलाज की सभी व्यवस्थाओं का खुद जायजा लिया। इसके अलावा जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने भी स्थिति का जमीनी आकलन करने के लिए सीएचसी, स्कूल और मेडिकल कॉलेज का दौरा किया।
राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी बच्चों को सही इलाज मिल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी बच्चे अब बिल्कुल स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया है।
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