'अस्सलाम अलैकुम' और 'इंशाअल्लाह' कहने पर महिला IPS अधिकारी का तबादला, दक्षिणपंथी समूहों ने जताई आपत्ति

'अस्सलाम अलैकुम' और 'इंशाअल्लाह' बोलने पर आईपीएस बुशरा बानो का खड़गपुर से तबादला, टीएमसी और कांग्रेस ने सरकार की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल।
IPS Bushara Bano
आईपीएस बुशरा बानो
Published on

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो का तबादला कर दिया है। यह प्रशासनिक कदम तब उठाया गया जब कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने उनके एक वायरल वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई। इस वीडियो में महिला अधिकारी अपने संबोधन के दौरान आम अरबी अभिवादन वाले शब्दों का इस्तेमाल करती नजर आ रही थीं।

बुशरा बानो इससे पहले पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के अहम पद पर तैनात थीं। अब उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य सरकार की तरफ से यह आदेश 14 सितंबर को जारी किया गया था। इसी आधिकारिक अधिसूचना के तहत दो अन्य पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (डब्लूबीपीएस) अधिकारियों का भी तबादला हुआ है।

विवाद का केंद्र बना यह वीडियो असल में आईपीएस अधिकारी की निजी जीवन यात्रा और संघर्षों से जुड़ा है। क्लिप में वह कहती हैं, "अस्सलाम अलैकुम! मैं 2021 में चयनित एक आईपीएस अधिकारी हूं और फिलहाल खड़गपुर में तैनात हूं।"

उन्होंने वीडियो में आगे बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। शुरुआत में उन्होंने खुद से पढ़ाई की और बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से उन्हें काफी मदद मिली। बानो ने बताया कि उन्होंने यह अनुभव केवल इसलिए साझा किया ताकि अन्य प्रतियोगी छात्र भी इससे प्रेरणा और लाभ ले सकें।

इस वीडियो के सामने आने के बाद 'द हिंदू लीगल फंड' नामक एक दक्षिणपंथी संगठन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। संगठन ने मामले को तूल देते हुए सीधे पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी।

सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इस समूह ने लिखा कि अधिकारी ने अपनी बात 'अस्सलाम अलैकुम' से शुरू की, 'इंशाअल्लाह' का इस्तेमाल किया और 'जज़ाकल्लाह' पर अपनी बात खत्म की। संगठन का तर्क था कि अधिकारी ने 'वंदे मातरम' या 'जय हिंद' जैसे शब्दों का जिक्र तक नहीं किया। उनका दावा है कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी सेवारत अधिकारी को सार्वजनिक मंच पर तटस्थता बनाए रखनी चाहिए और केवल राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का ही उपयोग करना चाहिए।

इस तबादले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी बेहद तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से हास्यास्पद करार दिया है।

मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि जिस देश के प्रधानमंत्री सेंगोल और साधुओं के साथ नई संसद का उद्घाटन करते हैं, वहां महज 'अस्सलाम अलैकुम' और 'इंशाअल्लाह' कहने पर एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी का तबादला कर देना शर्मनाक है। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम नफरत और कट्टरता के जहर से भरा एक पागल राष्ट्र बन चुके हैं। मोइत्रा ने 'ईश्वर भारत की रक्षा करे' लिखकर अपनी पोस्ट का समापन किया।

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इंशाअल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह' जैसे शब्दों का अर्थ बहुत ही सामान्य और सकारात्मक होता है।

प्रतापगढ़ी ने भी 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए एक टीवी चैनल पर नफरत फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। उनके मुताबिक, इसी चैनल ने सबसे पहले उस वीडियो को सनसनीखेज बनाया और महिला अधिकारी के खिलाफ ऑनलाइन ट्रोलिंग को भड़काया। कांग्रेस नेता ने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि राज्य सरकार ने अपनी होनहार महिला अधिकारी का बचाव करने के बजाय अगले ही दिन उनका ट्रांसफर कर दिया।

IPS Bushara Bano
दलित मजदूर की मौत मामले पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट, सीबीआई जांच की उठी मांग
IPS Bushara Bano
पत्रकार सत्यम वर्मा की रासुका के तहत हिरासत पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, केंद्र और यूपी सरकार को थमाया नोटिस
IPS Bushara Bano
गुंडा एक्ट बना 'उत्पीड़न का हथियार': इलाहाबाद हाईकोर्ट की नौकरशाही को कड़ी चेतावनी, अपनी जेब से भरना होगा हर्जाना

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com