यूपी पंचायत चुनाव: ओबीसी आयोग के गठन में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, प्रमुख सचिव को अवमानना नोटिस

यूपी पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आयोग बनाने में देरी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख, पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव को थमाया अवमानना नोटिस।
इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट
Published on

उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की समय-सीमा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह सख्त आदेश न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की पीठ द्वारा पारित किया गया है। न्यायालय ने यह कदम याचिकाकर्ता एम एल यादव द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए उठाया। अब इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय की गई है।

याचिका में दी गई जानकारी के अनुसार, इससे पहले 4 फरवरी को हाईकोर्ट ने एक पुरानी याचिका का निस्तारण किया था। उस वक्त राज्य के सरकारी वकील ने अदालत को यह पक्का भरोसा दिलाया था कि सरकार ओबीसी आयोग बनाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। हालांकि, याचिकाकर्ता का आरोप है कि अदालत में दिए गए इस स्पष्ट आश्वासन के विपरीत अभी तक जमीनी स्तर पर आयोग का गठन नहीं हो सका है।

इन सभी दलीलों पर गौर करने के बाद पीठ ने प्रथम दृष्टया यह माना है कि पूर्व में दिए गए वचन के बावजूद अब तक पैनल नहीं बनाया गया है। अदालत की नजर में यह सीधे तौर पर राज्य सरकार द्वारा कोर्ट को दिए गए आश्वासन का संभावित उल्लंघन प्रतीत होता है।

याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष यह भी तर्क रखा है कि ओबीसी आयोग के गठन में हो रही इस लगातार देरी के कारण आगामी पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया अटकी पड़ी है। दरअसल, इन चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का निर्धारण इसी पैनल की आगामी रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाना है।

यह पूरा मामला ऐसे नाजुक समय में तूल पकड़ रहा है जब उत्तर प्रदेश में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल अपने अंतिम चरण के करीब है। समय तेजी से बीतने के बावजूद आवश्यक आयोग अब तक वजूद में नहीं आ पाया है। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि अगली तय तारीख पर अदालत इस मसले की और अधिक गहराई से जांच करेगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट
मजदूर दिवस पर महंगाई का 'मेगा बम': कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा, आम आदमी की थाली पर सीधा असर!
इलाहाबाद हाईकोर्ट
'मैं यूपी की नारी हूँ, बेख़ौफ़ सताई जाती हूँ...: महिला आरक्षण बिल लागू करने पर अड़ी सपा, विधानसभा में भाजपा पर लगाया गुमराह करने का आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट
MP के बरगी डैम क्रूज हादसा: सैर बनी मौत का सफर, 9 की मौत, कई अब भी लापता, रेस्क्यू जारी

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com