
भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे सहित प्रदेश के 100 से अधिक तहसील और जिला मुख्यालयों पर मध्य प्रदेश सरकार के पुतले दहन किए गए। यह कार्यक्रम आजाद समाज पार्टी (आसपा) और दलित पिछड़ा आदिवासी संगठन (DPAS) सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया।
अंबेडकर प्रतिमा के पास जुटे कार्यकर्ता
भोपाल में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। यह कार्यक्रम आसपा नेता एवं DPAS प्रमुख दामोदर यादव के पूर्व घोषित आह्वान पर आयोजित किया गया था।
आयोजकों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए इन कार्यक्रमों में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। वहीं, कुछ स्थानों पर DPAS, यादव महासभा और अन्य संगठनों के सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन में भागीदारी की।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
दामोदर यादव ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की कि सरकार एक सप्ताह के भीतर अध्यादेश लाकर ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
द मूकनायक से बातचीत में दामोदर यादव ने कहा कि ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए। सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए एक सप्ताह के भीतर अध्यादेश लाकर आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहा है और सरकार को इस मांग पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
दामोदर यादव ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार ने अध्यादेश लाकर मांग पूरी नहीं की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल सहित प्रदेश के 100 से अधिक तहसील और जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन कार्यक्रम के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई गई है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर उनका संगठन आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।
आरक्षण के मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश में जारी बहस के बीच सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन को राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पुतला दहन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग उठाई है।
अब इस मामले में सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और आंदोलनकारी संगठन आगे की क्या रणनीति अपनाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
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