
टोंक- जिले की निवाई तहसील के करेड़ा बुजुर्ग गांव में रविवार को लोकसभा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने गरीबों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत पहल पर आधारित बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद ने कुछ महिलाओं से उनका नाम पूछा। जब महिलाओं ने अपना नाम बताया और उनकी मुस्लिम पहचान सामने आई, तो आरोप है कि उन्होंने पहले दिए गए कंबल वापस ले लिए।
यह मामला अब राजस्थान की सियासत में गरमागरम बहस का विषय बन गया है जहां मानवीय सहायता को धार्मिक और राजनीतिक आधार पर बांटने की घटना को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में आक्रोश है।
वायरल वीडियो में जौनपुरिया को कहते सुना जा रहा है, "जो मोदी जी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का हक ही नहीं है।" उन्होंने कम से कम 6 मुस्लिम महिलाओं को कंबल वितरण से वंचित कर दिया और कुछ मामलों में पहले दिए गए कंबल छीन लिए।
घटना के बाद गांववासियों ने विरोध जताया, लेकिन पूर्व सांसद ने अपनी बात पर अड़े रहने की कोशिश की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "बीजेपी और आरएसएस की मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा की बजाय नफरत झलकती है। एक गरीब, जरूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है। दो बार सांसद रह चुके और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया जी से अपेक्षा थी कि वे मानवीय संवेदनशीलता दिखाते।"
इस घटना पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधा है, इसे नफरत फैलाने वाली राजनीति का उदाहरण बताते हुए। वहीं, कुछ बीजेपी नेताओं ने जौनपुरिया का बचाव किया है, लेकिन अधिकांश जगहों पर इसकी निंदा हो रही है।
आम आदमी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस घटना को लेकर विरोध जाहिर किया गया. पोस्ट में लिखा गया: "BJP की नफ़रती सोच फिर हुई उजागर भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया महिलाओं को कंबल बांटने गए, लेकिन इनके अंदर की नफरत इतनी ज्यादा है कि इन्होंने कुछ महिलाओं के नाम पूछ कर उन्हें कंबल देने से इनकार कर दिया क्योंकि वह महिलायें मुस्लिम थीं।" कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने अपने पोस्ट में लिखा, "BJP के पूर्व सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया टोंक में कम्बल वितरण कर रहे थे तभी उन्होंने एक गरीब मुस्लिम महिला को बेइज़्ज़त कर उसका कंबल वापस ले लिया असल में तो दिल और विचारों से दरिद्र यह छोटे और घिनौने मन का आदमी ख़ुद है सही विरोध किया लोगों ने, मुँह पे दे मारना चाहिए था कंबल". मीडिया प्रभारी BAP (राजस्थान) अश्विनी सोनी ने जौनपुरिया द्वारा मुस्लिम लेडीज के साथ किये व्यवहार को बेहद अपमानजनक और निंदनीय बताया।
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