
झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार को पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक 25 वर्षीय दलित युवक की गांव वालों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब युवक उस महिला से मिलने गया था, जिसके साथ उसके प्रेम संबंध होने की बात कही जा रही है।
मृतक की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है, जिसे लोग पवन राम के नाम से भी जानते थे। वह मुड़मा गांव का रहने वाला था। शनिवार देर रात पड़वा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तेलियाही गांव में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसके परिणामस्वरूप उसने दम तोड़ दिया।
पड़वा थाने के प्रभारी अंचित कुमार ने बताया कि शुरुआत में पुलिस को यह सूचना मिली थी कि ट्रैक्टर की बैटरी चुराने की कोशिश करते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा गया है और स्थानीय लोग उसकी पिटाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब पुलिस स्टेशन में पहली बार सूचना आई, तो वह बैटरी चोरी के प्रयास की थी। ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर उस पर हमला कर दिया था। उसे चारपाई से बांधकर बुरी तरह पीटा गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।"
सूचना मिलते ही पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि पवन को बांधकर बुरी तरह पीटा गया था। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, पुलिस की जांच और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान चोरी की इस कहानी में कई झोल सामने आए। थाना प्रभारी ने बताया, "ट्रैक्टर की बैटरी का ताला टूटा हुआ नहीं था, जिससे चोरी का मामला संदिग्ध लगा। पूछताछ में यह साफ हुआ कि वह असल में एक लड़की से मिलने उसके घर गया था। वहां परिवार वालों ने उसे देख लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। बाद में मामले की दिशा भटकाने के लिए इसे बैटरी चोरी का रंग दे दिया गया और शोर मचाया गया, जिसके बाद बाकी ग्रामीण भी वहां जमा हो गए।"
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान महिला के चाचा के रूप में हुई है। पुलिस ने मॉब लिंचिंग से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस का कहना है कि अभी जांच से जुड़ी अन्य जानकारियों का सार्वजनिक तौर पर खुलासा नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे बाकी आरोपी भागने की कोशिश कर सकते हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस नृशंस हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट करते हुए इस घटना पर गहरा सदमा व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में गरीबों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार इस हत्याकांड पर पूरी तरह से खामोश है। मरांडी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैग किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम एक मेडिकल बोर्ड द्वारा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
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