RPSC की सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती में SC/ST/OBC की 67 सीटें कम, सामाजिक कार्यकर्ता बोले- 'दलितों-आदिवासियों का हक मारा'

सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मेघवाल ने इस भर्ती प्रक्रिया में गंभीर आपत्तियां उठाते हुए आरोप लगाया है कि आयोग ने जानबूझकर आरक्षित वर्गों की बैकलॉग सीटों को नजरअंदाज करते हुए उनकी हिस्सेदारी घटा दी है, जिससे दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को भारी नुकसान हुआ है।
एक्टिविस्ट के मुताबिक इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है।
एक्टिविस्ट के मुताबिक इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है। AI generated image
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जयपुर- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा जारी सहायक अभियोजन अधिकारी (Assistant Prosecution Officer) भर्ती 2026 के विज्ञापन संख्या 03/EXAM/APO/EP-1/2026-27 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण में बड़ा घोटाला सामने आया है। कुल 371 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती गैर-अनुसूचित क्षेत्र तथा अनुसूचित क्षेत्र दोनों के लिए राजस्थान अभियोजन अधीनस्थ सेवा नियम-1978 और अनुसूचित क्षेत्र सेवा नियम-2014 के तहत की जा रही है। पद अस्थायी हैं और विभाग से प्राप्त रिक्तियों के आधार पर इनकी संख्या में संशोधन भी संभव है।

सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मेघवाल ने इस भर्ती प्रक्रिया में गंभीर आपत्तियां उठाते हुए आरोप लगाया है कि आयोग ने जानबूझकर आरक्षित वर्गों की बैकलॉग सीटों को नजरअंदाज करते हुए उनकी हिस्सेदारी घटा दी है, जिससे दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को भारी नुकसान हुआ है।

विज्ञापन के अनुसार गैर-अनुसूचित क्षेत्र में सामान्य वर्ग (UR) के 156 पद, अनुसूचित जाति के 42 पद, अनुसूचित जनजाति के 29 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के 76 पद, अति पिछड़ा वर्ग के 17 पद और EWS के 35 पद हैं। इनमें महिला, विधवा, तलाकशुदा (DV) सहित क्षैतिज आरक्षण के पद भी शामिल हैं।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा जारी सहायक अभियोजन अधिकारी (Assistant Prosecution Officer) भर्ती 2026 का विज्ञापन
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा जारी सहायक अभियोजन अधिकारी (Assistant Prosecution Officer) भर्ती 2026 का विज्ञापन

विज्ञापन के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्र (Non-SA) में कुल 355 पदों के सापेक्ष अनुसूचित जाति को मात्र 42 सीटें दी गई हैं जबकि उनके हक की सीटें 70 बनती थीं, यानी दलितों की 28 सीटें काट ली गई हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति को 29 सीटें दी गई जबकि 54 सीटें बनती थीं, जिससे आदिवासियों की 25 सीटें खाई गई हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग को 76 सीटें दी गई जबकि 86 सीटें बनती थीं, जिससे पिछड़ों की 10 सीटें कम की गई हैं। अति पिछड़ा वर्ग को 17 सीटें आवंटित की गई जबकि उनकी हिस्सेदारी 21 सीटें होनी चाहिए थी, इस तरह अति पिछड़ों की 4 सीटें भी निकाल ली गई हैं।

मेघवाल के अनुसार इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है। मेघवाल ने कहा, "SC/ST/OBC/MBC वर्ग की बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीट में 67 सीट पर सीधा डाका डाला गया है। दलितों की 28 सीट, आदिवासियों की 25 सीट, पिछड़ों की 10 सीट और अति पिछड़ों की 4 सीट खा गए हैं जो अन्यायपूर्ण हैं।

एक्टिविस्ट के मुताबिक इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है।
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एक्टिविस्ट के मुताबिक इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है।
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एक्टिविस्ट के मुताबिक इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग का कुल बैकलॉग 87 सीटों का है और कुल 355 सीटों में से 268 सीटें फ्रेश भर्ती की हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर सीधा डाका डाला गया है।
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