प्रयागराज: 15 दिन से बंद सेप्टिक टैंक बना 'मौत का चैंबर', दम घुटने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत

प्रयागराज में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की शटरिंग निकालते समय जहरीली मीथेन गैस से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, पुलिस ने ठेकेदार और मकान मालिक को हिरासत में लिया।
सांकेतिक तस्वीर.
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उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र के नेवादा समोगर इलाके के पास एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में काम करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से जान चली गई।

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, यह सेप्टिक टैंक पिछले 15 दिनों से पूरी तरह से सील था। जब मजदूर इसके अंदर से शटरिंग का सामान निकालने के लिए उतरे, तो ऑक्सीजन की भारी कमी और जहरीली मीथेन गैस के जमाव के कारण वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम फौरन मौके पर पहुंची और आनन-फानन में बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद मजदूरों को बचाया नहीं जा सका।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि जिस निर्माणाधीन मकान में यह जानलेवा हादसा हुआ, वह धर्मेंद्र नामक व्यक्ति का है। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।

फिलहाल जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने उनके शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जा सके।

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