
भोपाल। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के एक बालक छात्रावास में शुक्रवार को परोसे गए भोजन में इल्लियां मिलने के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए छात्रावास से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। हाथों में थालियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों ने जिम्मेदार कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों को शिकायत सौंपी।
छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में खराब और गुणवत्ताहीन भोजन परोसे जाने की समस्या एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। उनका दावा है कि महीने में तीन से चार बार भोजन में इल्लियां या अन्य गंदगी मिलने की स्थिति सामने आती है। छात्रों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
दाल-चावल में दिखीं इल्लियां, भोजन छोड़कर विरोध पर उतरे छात्र
छात्रों के मुताबिक शुक्रवार को छात्रावास में उन्हें दाल-चावल परोसा गया था। भोजन करते समय कुछ छात्रों की नजर दाल में मौजूद इल्लियों पर पड़ी। इसके बाद छात्रों ने भोजन करने से इनकार कर दिया और छात्रावास में विरोध शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि जिस अनाज में इल्लियां थीं, उसे साफ करने या बदलने के बजाय उसी से खाना तैयार कर बच्चों को परोस दिया गया। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि दाल में पर्याप्त सामग्री नहीं होती। कई बार चावल भी अधपके परोसे जाते हैं। उनका आरोप है कि छात्रावास में शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भी नियमित रूप से भोजन नहीं बनाया जाता।
शिकायत करने पर अभद्रता का आरोप
छात्रों ने छात्रावास के कर्मचारियों और वार्डन पर शिकायत करने के दौरान अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने के आरोप भी लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि जब वे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हैं तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डांट दिया जाता है।
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने पहले भी छात्रावास की भोजन व्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। शुक्रवार को भोजन में इल्लियां मिलने के बाद छात्रों ने सामूहिक रूप से विरोध करने का निर्णय लिया।
कर्मचारियों पर शराब के नशे में खाना बनाने का आरोप
छात्रों ने भोजन बनाने वाले कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर शराब के नशे में छात्रावास पहुंचते हैं और इसी हालत में बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी शराब पीने के लिए उनसे पैसे मांगते हैं।
छात्रों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर उन्हें धमकाया जाता है और घर पर फोन कर उनके खिलाफ झूठी शिकायत करने की बात कही जाती है। हालांकि, ये सभी आरोप छात्रों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
थाली लेकर छात्र पहुंचे कलेक्ट्रेट
भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास की कथित अव्यवस्थाओं से नाराज छात्र अपनी थालियां लेकर छात्रावास से कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों ने जिम्मेदार कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों ने अधिकारियों को शिकायत सौंपते हुए मांग की कि छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए। इसके साथ ही निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए और यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दिए निर्देश
छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों की ओर से छात्रावास में खराब भोजन परोसे जाने और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य को भी तलब किया है। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर उसे तत्काल छात्रावास भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मौके पर पहुंचकर छात्रों के बयान दर्ज करेगी टीम
चार सदस्यीय जांच टीम छात्रावास पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल करेगी। टीम छात्रों के बयान दर्ज करने के साथ ही छात्रावास में उपलब्ध खाद्यान्न, तैयार भोजन, रसोईघर की साफ-सफाई और भोजन बनाने की प्रक्रिया की जांच करेगी। इसके अलावा शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
छात्रों द्वारा लगाए गए कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ आरोपों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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