
फतेहपुर- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आलियाबाद गांव के प्राथमिक विद्यालय में 50 वर्षीय शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने शनिवार शाम करीब 4 बजे स्कूल के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
अखिलेश कुमार सविता प्राथमिक विद्यालय आलियाबाद में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे और वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की ड्यूटी कर रहे थे। उनकी पत्नी मंजू देवी ने आरोप लगाया कि बेटी दिव्यांशी की 8 मार्च को होने वाली शादी की तैयारियों के लिए उन्होंने छुट्टी मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने अवकाश नहीं दिया। SIR कार्य के दबाव के कारण वे मानसिक तनाव में थे।
शव की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें सबसे ऊपर लिखा था — “SIR 2026 जीवन मुक्ति”। नोट में उन्होंने लिखा: “मैं एसआईआर के काम से परेशान हो गया हूं। मेरे और मेरे परिवार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग मेरे मरने के बाद करे। मैं अब एसआईआर से मुक्ति पा जाऊंगा।” नोट में बिंदकी के एसडीएम और बीईओ का भी जिक्र है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन शव को बिंदकी सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शव नहीं उठने दिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे एडीएम, एएसपी और अन्य अधिकारियों ने स्थिति संभालते हुए जांच का आश्वासन दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अखिलेश कुमार सविता के परिवार में पत्नी मंजू देवी, बेटी दिव्यांशी (20 वर्ष) और बेटा दिव्यांश शामिल हैं।
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