भोपाल की आदमपुर खंती में फिर भड़की भीषण आग, 10 किमी तक फैला धुआं - 46 दिन में दूसरी बड़ी घटना

5 घंटे की मशक्कत और 20 लाख लीटर पानी के बाद काबू, 7 लाख मीट्रिक टन कचरा बना खतरा; 8–10 गांवों के हजारों लोग धुएं से प्रभावित
भोपाल की आदमपुर खंती में फिर भड़की भीषण आग, 10 किमी तक फैला धुआं - 46 दिन में दूसरी बड़ी घटना
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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के आदमपुर छावनी स्थित नगर निगम की कचरा खंती में शनिवार सुबह एक बार फिर भीषण आग लग गई। यह घटना बीते 46 दिनों में दूसरी बड़ी आग की घटना है, जिसने प्रशासनिक तैयारियों और कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह करीब 9 बजे कचरे के विशाल ढेर से उठी आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर गई। आग की लपटें करीब 15 फीट तक ऊंची उठने लगीं और काले-सफेद धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया, जिसे करीब 10 किलोमीटर दूर से भी साफ देखा जा सकता था। वहीं करीब तीन किलोमीटर के दायरे में पूरा इलाका जहरीले धुएं की चपेट में आ गया।

घटना की जानकारी मिलते ही खंती में मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। शुरुआती स्तर पर मौके पर मौजूद दमकल वाहनों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए शहर के अन्य हिस्सों से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि उसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। दमकल कर्मियों और नगर निगम की टीम ने मिलकर आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए।

20 लाख लीटर पानी से पाया आग पर काबू

करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत और लगभग 20 लाख लीटर पानी की बौछारों के बाद दोपहर करीब 2 बजे आग पर नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि, तेज हवाओं ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया। आग बुझने के बाद भी कचरे के ढेर के भीतर सुलगन जारी रही, जिससे देर रात तक धुआं निकलता रहा और टीम को लगातार निगरानी करनी पड़ी। कर्मचारियों ने आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास के कचरे को हटाने का काम भी किया।

नगर निगम के अनुसार, दोपहर में आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अचानक चली तेज हवाओं के कारण आग एक बार फिर भड़क उठी, जिसे बाद में दोबारा नियंत्रित किया गया। रात करीब 9 बजे तक भी खंती से धुआं निकलता रहा, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस आग का सबसे ज्यादा असर आसपास बसे ग्रामीण इलाकों पर पड़ा। आदमपुर, छावनी, पड़रिया, कोलूआ, बिलखिरिया, शांति नगर और अर्जुन नगर सहित 8 से 10 गांवों के करीब सात हजार लोगों को जहरीले धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीणों ने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन धुएं की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।

इस घटना को लेकर आसपास के ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश और डर का माहौल देखा गया। बिलखिरिया गांव के लोगों ने बताया कि कचरा खंती के पास रहने वाले परिवारों और खेतों में काम कर रहे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन घरों की दूरी खंती से बहुत कम है, वहां हालात बेहद खराब हो गए थे। ग्रामीणों के अनुसार, पूरे इलाके में हर तरफ सिर्फ धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा था, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था। कई लोगों को घुटन, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएं होने लगीं। खेतों में काम कर रहे किसान भी अपना काम छोड़कर घर लौटने को मजबूर हो गए। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि बार-बार लगने वाली आग ने उनके जीवन को खतरे में डाल दिया है और यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पड़रिया गांव के संतोष कुमार ने बताया कि आग लगने के बाद पूरे इलाके में इतना ज्यादा धुआं फैल गया था कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की हालत ज्यादा खराब हो गई थी, लोग अपने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर बैठे रहे, लेकिन फिर भी धुआं अंदर तक आ रहा था। संतोष कुमार के मुताबिक, अगर ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहीं तो गांव में रहना मुश्किल हो जाएगा।

कैसे लगी आग?

दरअसल, आदमपुर खंती में इस समय करीब 7 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा जमा है, जो अब एक बड़े खतरे के रूप में सामने आ रहा है। विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, कचरे के सड़ने से उत्पन्न मीथेन गैस और बढ़ते तापमान के कारण इस तरह की आग बार-बार लगने की आशंका बनी रहती है। इससे पहले भी करीब डेढ़ महीने पहले इसी खंती में इसी तरह की बड़ी आग लगी थी, जिसके बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका।

फायर ऑफिसर सौरभ पटेल के अनुसार, “आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। किसी प्रकार की जनहानि या मशीनों को नुकसान नहीं हुआ है। मौसम खराब और तेज हवाओं के कारण कचरा अंदर ही अंदर सुलग रहा है, जिस पर लगातार नजर रखी जा रही है। हमारी टीम ने आसपास के कचरे को हटाकर आग को फैलने से रोका है।”

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