
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया था। इसी कड़ी में प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने अलीगढ़ के एक सरकारी इंटर-कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्हें परिसर बेहद जर्जर अवस्था में मिला।
जब मंत्री कॉलेज पहुंचे तो वहां का मुख्य गेट बंद था। काफी देर इंतजार करने के बावजूद जब गेट नहीं खुला, तो सुरेंद्र दिलेर खुद बाउंड्री वॉल फांदकर परिसर के अंदर दाखिल हो गए।
अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। उन्होंने पाया कि कई कक्षाओं की छतें या तो पूरी तरह से गायब थीं या फिर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। इसके अलावा, छात्रों के इस्तेमाल के लिए बनाए गए शौचालयों की हालत भी बेहद खराब थी।
पूरे कॉलेज परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी, जो साफ तौर पर नियमित रखरखाव की घोर कमी को दर्शा रही थी। इस बदहाली को अपनी आंखों से देखने के बाद, मंत्री ने तुरंत कॉलेज के प्रिंसिपल को मौके पर तलब किया।
उन्होंने सख्त लहजे में जर्जर कक्षाओं की तत्काल मरम्मत कराने और छात्रों के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करने का कड़ा निर्देश दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री दिलेर ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) से कॉलेज को आवंटित धन का विस्तृत हिसाब भी मांग लिया है।
उन्होंने पिछले 10 वर्षों के दौरान स्कूल को मिले फंड और उसके खर्च की पूरी रिपोर्ट तलब की है, ताकि यह पता चल सके कि विकास का पैसा आखिर कहां गया। सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
जिस सरकारी सहायता प्राप्त इंटर-कॉलेज का उन्होंने निरीक्षण किया, वह अलीगढ़ के टप्पल ब्लॉक के सालपुर गांव में स्थित है। वर्तमान में इस विद्यालय में कुल 305 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
दरअसल, मंत्री बीते रविवार को ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एक जवान के परिवार को सांत्वना देने सालपुर गांव गए हुए थे। शहीद के परिवार से मुलाकात के बाद वापस लौटते समय स्थानीय लोगों ने मंत्री को रोक लिया।
ग्रामीणों ने गांव के इस सरकारी इंटर-कॉलेज की खस्ताहाली और बदइंतजामी की शिकायत की। लोगों की समस्या सुनने के बाद मंत्री ने तुरंत प्रिंसिपल को फोन किया और गेट खोलने के लिए किसी को भेजने को कहा।
प्रिंसिपल ने मंत्री को बताया कि ताला खोल दिया जाएगा, लेकिन जिस व्यक्ति के पास चाबी है, उसे स्कूल तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। चूंकि काफी देर हो रही थी, इसलिए मंत्री ने इंतजार करने के बजाय बाउंड्री वॉल के ऊपर से चढ़कर खुद ही परिसर में प्रवेश करने का फैसला किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि चार से पांच कमरों की छतें नदारद थीं और वॉशरूम इस्तेमाल करने लायक नहीं बचे थे। उन्होंने तुरंत डीआईओएस को इमारत की स्थिति में सुधार करने और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।
इस पूरी घटना पर अलीगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक पूरन सिंह ने बताया कि उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल चंद्रभान सिंह से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। प्रिंसिपल ने उन्हें सूचित किया है कि परिसर में उगी बड़ी घास को अब साफ करा दिया गया है।
पूरन सिंह ने आश्वासन दिया कि स्कूल से जुड़ी बाकी सभी समस्याओं का भी बहुत जल्द समाधान कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस कॉलेज में कुल 17 कमरे हैं, लेकिन जिन कमरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था।
यह भी जानकारी सामने आई है कि स्कूल की इस बदहाली का एक बड़ा कारण कॉलेज प्रबंधन समिति के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद है, जिसके बारे में विभाग को पहले ही अवगत करा दिया गया था।
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