
भोपाल। वोट चोरी के मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब आंदोलन के बाद जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। 25 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह अभियान एक महीने तक चलेगा। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और उन्हें मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी के आरोपों तथा चुनावी नियमों में मनमाने बदलाव के मुद्दे से अवगत कराएंगे। पार्टी ने अभियान के दौरान मतदाता सूची का सत्यापन करने की भी योजना बनाई है।
25 अक्टूबर को संभागीय और जिला मुख्यालयों पर पत्रकारवार्ताएं
कांग्रेस 25 अक्टूबर को प्रदेश के संभागीय और जिला मुख्यालयों पर पत्रकारवार्ताएं आयोजित करेगी। इनके माध्यम से पार्टी वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में मतदाताओं से संपर्क अभियान की शुरुआत होगी। पार्टी का प्रयास है कि इस मुद्दे को केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय आम मतदाताओं के बीच ले जाया जाए।
घर-घर पहुंचेंगे कार्यकर्ता, मतदाता सूची का होगा सत्यापन
संपर्क अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद करेंगे। उन्हें मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही मतदाता सूची का सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि कथित अनियमितताओं की पहचान कर उन्हें संबंधित स्तर पर उठाया जा सके।
कांग्रेस का उद्देश्य इस अभियान के जरिए मतदाताओं के बीच चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा उठाना और पार्टी के आरोपों को जन-जन तक पहुंचाना है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने वोट चोरी और चुनावी नियमों में कथित मनमाने बदलाव के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इस संबंध में भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में धरना-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं।
सोमवार को प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में एक नवंबर और 26 नवंबर को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दशहरा पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन करने संबंधी निर्देश भी दिए गए।
अभियान की निगरानी के लिए 10 पर्यवेक्षक नियुक्त
प्रदेश में संपर्क अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और उसकी निगरानी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र और गुजरात के 10 नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ये पर्यवेक्षक 23 और 24 अक्टूबर को मध्य प्रदेश पहुंचेंगे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
पर्यवेक्षक के रूप में बाला साहब थोराट, बिमल शाह, चंद्रकांत हंडोरे, मोहम्मद आरिफ नसीम खान, अमीन पटेल, कल्याण काले, चरण सिंह सपरा, भाई जगताप, अमित सुभाश्राव और पुष्पा अमरनाथ को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस नेताओं को संभागवार जिम्मेदारी
अभियान के संचालन और समन्वय के लिए प्रदेश कांग्रेस ने भी वरिष्ठ नेताओं की संभागवार ड्यूटी लगाई है। इनमें लखन घनघोरिया, रवि जोशी, रामवीर सिकरवार, रजनीश सिंह, दिलीप गुर्जर, प्रतापभानु शर्मा, गुरमीत सिंह मंगू, नारायण पट्टा, लाखन सिंह यादव, विनय सक्सेना, तरुण भनोट और ओमकार मरकाम शामिल हैं।
कांग्रेस की रणनीति धरना-प्रदर्शन के बाद अब व्यापक जनसंपर्क के जरिए वोट चोरी के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में बनाए रखने की है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और मतदाता सूची के सत्यापन को प्रमुखता दी जाएगी।
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