SHRESHTA Scheme: अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी, 'श्रेष्ठ' योजना से संवरेगा भविष्य

केंद्र सरकार की 'श्रेष्ठ' योजना से अनुसूचित जाति के गरीब और मेधावी छात्रों को मिलेगी सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और 1.35 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप।
SHRESHTA YOJANA 2026
'श्रेष्ठा योजना' (SHRESHTA Scheme) के तहत अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को 9वीं से 12वीं तक सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और स्कॉलरशिप मिलेगी।(Ai Image)
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नई दिल्ली: भारत सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए एक बेहद शानदार कदम उठाया है। लक्षित क्षेत्रों के हाई स्कूलों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा की संशोधित योजना (श्रेष्ठा) के माध्यम से अब गरीब से गरीब बच्चों को भी बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पीढ़ियों से चले आ रहे भेदभाव और असमानता को खत्म करके इन छात्रों को एक समान मंच प्रदान करना है।

यह योजना मुख्य रूप से दो मोड में लागू की जा रही है, जिसमें पहला मोड सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय सीबीएसई (CBSE) स्कूलों से जुड़ा है। इसके तहत छात्रों को कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश दिया जाएगा ताकि वे 12वीं तक की अपनी शिक्षा पूरी कर सकें । इस पूरी प्रक्रिया के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर 'श्रेष्ठा के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा' (NETS) का आयोजन किया जाएगा।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम भी बनाए गए हैं। केवल मान्यता प्राप्त निजी, सरकारी या स्थानीय निकाय के स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्र ही इसके लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही, छात्र के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2023-24 से लेकर 2025-26 तक हर साल कक्षा 9 और कक्षा 11 के लिए कुल 3000 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।

सरकार इन चयनित छात्रों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी। छात्रों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप में स्कूल की ट्यूशन फीस और हॉस्टल व मेस का खर्च दोनों शामिल होंगे। यह स्कॉलरशिप कक्षा 9 के लिए 1,00,000 रुपये, कक्षा 10 के लिए 1,10,000 रुपये, कक्षा 11 के लिए 1,25,000 रुपये और कक्षा 12 के लिए 1,35,000 रुपये प्रति छात्र प्रति वर्ष तक निर्धारित की गई है। बच्चों को नए माहौल में आसानी से ढलने में मदद करने के लिए स्कूलों में एक खास 'ब्रिज कोर्स' भी चलाया जाएगा।

योजना के दूसरे मोड के तहत सरकार गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों और हॉस्टलों को भी अनुदान देकर मदद कर रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के बच्चों को भी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर आवासीय व गैर-आवासीय शिक्षा के लिए उचित आर्थिक सहायता मिल सके। सरकार की इस पहल से निश्चित तौर पर मेधावी छात्रों के लिए सुनहरे भविष्य के दरवाजे खुलेंगे।

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