आईआईटी बॉम्बे में दूसरे वर्ष के छात्र ने हॉस्टल में की आत्महत्या, कमरे से मिलीं भावुक कर देने वाली कविताएं

आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में दूसरे वर्ष के छात्र सोहेल राजकुमार सांगवान ने की आत्महत्या, कमरे से मिलीं हस्तलिखित प्रेम कविताएं, पुलिस कर रही है मामले की जांच।
IIT Bombay student suicide
आईआईटी बॉम्बे के 2nd ईयर के छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की। कमरे से मिलीं भावुक कविताएं।(Ai इमेज)
Published on

नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईटी बॉम्बे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ द्वितीय वर्ष के एक बीस वर्षीय छात्र ने मंगलवार देर रात अपने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना तब सामने आई जब परिजनों के लगातार फोन करने के बावजूद छात्र ने कोई जवाब नहीं दिया और उन्होंने घबराकर संस्थान प्रबंधन से संपर्क किया।

मृतक छात्र की पहचान सोहेल राजकुमार सांगवान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला था। सोहेल आईआईटी बॉम्बे में मटेरियल साइंस के द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह संस्थान के हॉस्टल नंबर 4 की चौथी मंजिल पर रहता था। हॉस्टल के सुरक्षा प्रभारी जब एक अन्य छात्र के साथ उसके कमरे में पहुंचे, तो वहां सोहेल का शव सीलिंग फैन से बेडशीट के सहारे लटकता हुआ मिला।

घटना की सूचना मिलने के बाद पवई पुलिस मंगलवार रात करीब 11:45 बजे परिसर में पहुंची। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हॉस्टल के कमरे का पंचनामा भी कर लिया गया है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह घटना मंगलवार दोपहर की है, लेकिन इसकी जानकारी देर रात मिल सकी।

पुलिस की तलाशी के दौरान सोहेल के कमरे से कुछ हस्तलिखित नोट्स बरामद हुए हैं, जिनमें रोमांटिक कविताएं लिखी गई हैं। इन कविताओं को देखकर पुलिस यह अंदेशा जता रही है कि यह एकतरफा प्यार का मामला हो सकता है, जिसने शायद उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मौत और इन कविताओं के बीच सीधा संबंध पूरी तरह से स्थापित नहीं हो पाया है।

पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए सोहेल के सहपाठियों के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा, उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप को भी जब्त कर लिया गया है ताकि कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) और व्हाट्सएप चैट्स का विश्लेषण करके आत्महत्या के असल कारणों का पता लगाया जा सके। पवई पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर ली गई है और बुधवार को छात्र के परिजनों के मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

इस हृदयविदारक घटना पर आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सभी छात्रों को एक ईमेल भेजकर मृतक के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि छात्र ने व्यक्तिगत कारणों से यह कदम उठाया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

प्रोफेसर केदारे ने इस घटना पर निराशा जताते हुए कहा कि संस्थान में छात्रों की मानसिक भलाई के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई तरह की कार्यशालाओं, पूर्व छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद के जरिए वेलनेस सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के बावजूद ऐसी घटना का होना बेहद विचलित करने वाला है।

निदेशक ने आगे इस बात को स्वीकार किया कि व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे छात्रों तक पहुंचने के लिए संस्थान को अभी और अधिक ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि वार्डन, फैकल्टी एडवाइजर और स्टाफ के सतर्क रहने के बावजूद यह स्पष्ट है कि हमें और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। ईमेल के अंत में उन्होंने सभी से इस स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सहयोग की अपील की।

IIT Bombay student suicide
राज्यसभा में हंगामे के बीच पास हुआ कानून: 'वंदे मातरम' का अपमान अब होगा अपराध, मिलेगी 3 साल तक की सजा
IIT Bombay student suicide
'पुलिस का काम अपराध रोकना है, शादियां नहीं', बालिग जोड़े के मामले में ताक-झांक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार
IIT Bombay student suicide
सोशल मीडिया पर रील बनाकर फॉलोअर्स बढ़ाने वाले ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर राजस्थान HC की नकेल, DGP से 2 महीने में रिपोर्ट मांगी

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com