
उत्तर प्रदेश: हरदोई जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक स्कूल में शिक्षक और सहपाठी की कथित मारपीट के बाद 13 वर्षीय मासूम छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
मृतक छात्रा के पिता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, यह खौफनाक घटना 20 अगस्त की है। कक्षा 8 में पढ़ने वाली उनकी 13 साल की बेटी उस दिन विज्ञान की परीक्षा देने के लिए स्कूल गई थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान कक्षा के ही एक अन्य छात्र ने उसके साथ मारपीट की थी।
जब पीड़ित बच्ची ने इस बात की शिकायत अपने टीचर से की, तो न्याय मिलने के बजाय उसे भयानक सजा भुगतनी पड़ी। आरोप है कि शिक्षक ने गुस्से में आकर छात्रा की बेरहमी से पिटाई की और उसके दोनों हाथ इस कदर मरोड़ दिए कि बच्ची की हड्डियों में फ्रैक्चर हो गया और नसों में गंभीर चोटें आईं।
इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी परिवार को तब मिली, जब उसी स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची की छोटी बहन ने घर आकर पूरी आपबीती सुनाई। खबर सुनते ही परिजन बदहवास हालत में स्कूल पहुंचे और शिक्षक से इसका विरोध किया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से भी इस ज्यादती की शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई करने के बजाय परिवार को सिर्फ बच्ची का इलाज कराने की सलाह दे डाली।
गंभीर रूप से घायल छात्रा को तुरंत एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब एक हफ्ते तक वह अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ती रही। आखिरकार, तमाम मेडिकल कोशिशों के बावजूद 30 अगस्त की शाम करीब 4 बजे मासूम ने दम तोड़ दिया।
बेटी की मौत के बाद पिता ने 31 अगस्त को पुलिस में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर आरोपी शिक्षक और साथी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हरदोई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक मीणा ने बताया कि मामले की पूरी गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। घटनाक्रम की सटीक कड़ियां जोड़ने और सभी आरोपियों की भूमिका तय करने के लिए पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड खंगाल रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें