
नई दिल्ली: पश्चिम दिल्ली के हरि नगर इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील में एक मरी हुई छिपकली मिली है। इस भयानक लापरवाही के खुलासे के बाद छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच गहरी चिंता और हड़कंप का माहौल है। राहत की बात यह है कि पुलिस के अनुसार किसी भी छात्र या स्टाफ के बीमार होने या फूड पॉइजनिंग का शिकार होने की कोई खबर नहीं मिली है।
यह पूरा मामला 3 जुलाई को हरि नगर के सर्वोदय को-एजुकेशनल स्कूल में सामने आया। जैसे ही खाने में छिपकली होने की बात का पता चला, स्कूल प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए भोजन बांटने का काम रोक दिया। इसके बाद बिना कोई देरी किए शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को इस गंभीर घटना की सूचना दी गई।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 3 जुलाई की सुबह 'मूनलाइट' नामक एक एनजीओ (NGO) द्वारा मिड-डे मील योजना के तहत स्कूल में खाना पहुंचाया गया था। इस एनजीओ ने चावल और छोले से भरे चार सीलबंद कंटेनर स्कूल को सौंपे थे, जिन्हें बच्चों को परोसा जाना था।
भोजन वितरण के दौरान स्कूल के एक हेल्पर की नजर कंटेनर के अंदर पड़ी मरी हुई छिपकली पर गई। जब तक इस बात का खुलासा हुआ, तब तक दो से तीन बार खाना परोसा जा चुका था। हालांकि, किसी अन्य बच्चे को यह दूषित और खतरनाक खाना न मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए वितरण को उसी वक्त पूरी तरह से रोक दिया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत स्कूल परिसर में पहुंची। पुलिस टीम ने मरी हुई छिपकली के साथ-साथ परोसे जा रहे भोजन के सैंपल भी अपने कब्जे में ले लिए। इन सैंपल्स को गहराई से जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है, ताकि भोजन के दूषित होने के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके।
इस गंभीर लापरवाही के मामले में हरि नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत दर्ज किया गया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के नतीजे आने और आगे की तफ्तीश के तथ्यों के आधार पर ही इस मामले में अगली सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.
यहां सपोर्ट करें