देशभर में छात्र आंदोलन के बीच IIT रुड़की की एडवाइजरी, सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट को लेकर क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने उपद्रव, पत्थरबाज़ी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान आदि धाराओं में 3 एफआईआर दर्ज किये हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के रजिस्ट्रार ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर छात्रों, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे राजनीतिक/छात्र आंदोलनों से जुड़े पोस्ट करने या सार्वजनिक बयान देने से मना कर दिया है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के रजिस्ट्रार ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर छात्रों, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे राजनीतिक/छात्र आंदोलनों से जुड़े पोस्ट करने या सार्वजनिक बयान देने से मना कर दिया है।
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रुड़की/नई दिल्ली- जन्तर-मन्तर पर चल रहे छात्र आंदोलन और देशभर में उसके समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने अपने छात्रों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। संस्थान के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी ईमेल में कहा गया है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कैंपस से जुड़े कुछ लोग मौजूदा राजनीतिक आंदोलन के समर्थन में सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं और संस्थान की आलोचना कर रहे हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए सभी छात्रों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों को संस्थान के आचरण नियमों (Conduct Rules) का पालन करने की सलाह दी गई है।

अधिसूचना में कहा गया है कि IIT रुड़की का उद्देश्य इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, विज्ञान और कला के क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देना है। इसलिए संस्थान से जुड़े सभी लोगों को निर्धारित आचरण नियमों का पालन करना आवश्यक है।

रजिस्ट्रार कार्यालय ने नोटिफाइड कंडक्ट रूल्स का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी छात्र या कर्मचारी को संस्थान की पूर्व अनुमति के बिना किसी राजनीतिक चर्चा या राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या अन्य मीडिया में ऐसा सार्वजनिक बयान या राय व्यक्त करने की अनुमति नहीं होगी जिससे संस्थान, केंद्र सरकार, किसी अन्य संगठन या आम जनता के साथ संबंध प्रभावित होने की आशंका हो।

अधिसूचना में सभी छात्रों, कर्मचारियों और हितधारकों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है और स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जारी किया गया है।

20 जुलाई को नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
20 जुलाई को नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

CJP विरोध प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

यह अधिसूचना ऐसे समय जारी हुई है जब 20 जुलाई को नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने, आंसू गैस के गोले दागे जाने, कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। दिल्ली पुलिस ने उपद्रव, पत्थरबाज़ी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान आदि धाराओं में 3 एफआईआर दर्ज किये हैं।

इस घटना के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। मेरठ, नागपुर सहित कई शहरों में विद्यार्थियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई। विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक विरोध दर्ज कराया। देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों ने छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है और युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। सांसद चंद्र शेखर आजाद संसद भवन में डॉ अंबेडकर साहब की प्रतिमा के आगे धरने पर बैठे है। संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने NEET पेपर लीक पर सरकार से जवाबदेही मांगी।

छात्रों के समर्थन की गूंज भारत ही नहीं बल्कि अमरीका और लंदन तक पहुँच गई है। भारतीय समुदाय के लोग भी प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के रजिस्ट्रार ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर छात्रों, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे राजनीतिक/छात्र आंदोलनों से जुड़े पोस्ट करने या सार्वजनिक बयान देने से मना कर दिया है।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के रजिस्ट्रार ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर छात्रों, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे राजनीतिक/छात्र आंदोलनों से जुड़े पोस्ट करने या सार्वजनिक बयान देने से मना कर दिया है।
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