बिहार: शमशान का रास्ता रोका तो बीच सड़क पर करना पड़ा 95 वर्षीय महादलित महिला का अंतिम संस्कार

सिस्टम की लाचारी: दबंगों ने रोका शमशान का रास्ता तो परिजनों ने बीच सड़क पर सजा दी चिता, प्रशासन के हाथ-पांव फूले, पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
Dalit woman cremated on road
वैशाली में मानवता शर्मसार! शमशान का रास्ता रोकने पर परिजनों ने सड़क पर ही कर दिया 95 वर्षीय महिला का अंतिम संस्कार। गुस्से में गांव...Pic- theobserverpost.com
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वैशाली: बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ जातिगत भेदभाव और दबंगई का एक ऐसा मामला देखने को मिला, जहाँ एक महादलित परिवार को अपनी बुजुर्ग मां के शव का अंतिम संस्कार शमशान घाट की बजाय बीच सड़क पर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस वाकये के बाद से इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना गोरौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोन्थो अंधारी गांव की है। गुरुवार को गांव की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला, झपकी देवी का निधन हो गया था। वह महादलित समुदाय से ताल्लुक रखती थीं। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब परिजन और गांव वाले शव को लेकर शमशान घाट की ओर जाने लगे, तो कथित तौर पर कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक दिया। काफी मिन्नतों के बाद भी जब रास्ता नहीं दिया गया, तो हताश और अपमानित महसूस कर रहे परिवार के पास कोई और विकल्प नहीं बचा।

सड़क पर ही सजानी पड़ी चिता

गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव यात्रा को अंधारी गाछी चौक पर ही रोक दिया। इसके बाद, वहां स्थित शिव मंदिर के ठीक सामने बीच सड़क पर ही चिता सजाई गई और मुखाग्नि दे दी गई। मांझी टोला के निवासियों का दर्द इस घटना के बाद छलक पड़ा।

एक स्थानीय निवासी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "यह कोई आज की बात नहीं है। जब भी हम किसी शव को दाह-संस्कार के लिए ले जाते हैं, तो हर बार हमारा रास्ता रोक दिया जाता है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।"

जन-प्रतिनिधियों को ग्रामीणों ने खदेड़ा

सड़क पर अंतिम संस्कार की खबर आग की तरह फैल गई। मौके पर पहुंचे जन-प्रतिनिधियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वर्षों से अपनी शिकायतों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने नेताओं को वहां से खदेड़ दिया। उनका आरोप है कि मुख्य सड़क से शमशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर स्थानीय भू-स्वामियों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे उन्हें अपने मृतकों के सम्मानजनक विदाई का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा।

बाद में, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर सड़क पर जल रही चिता को बुझाया गया और सड़क की सफाई करवाई गई।

प्रशासन का क्या कहना है?

The Observer Post की रिपोर्ट के अनुसार, वैशाली के पुलिस अधीक्षक (SP) विक्रम सिहाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि विवाद की मुख्य वजह शमशान तक जाने वाले रास्ते का स्पष्ट न होना है। एसपी ने कहा, "पहले शमशान जाने का एक रास्ता था, लेकिन कुछ लोगों ने उस मार्ग पर मंदिर का निर्माण कर लिया है, जिसके कारण रास्ता बंद हो गया। इसी वजह से परिवार को सड़क पर दाह-संस्कार करना पड़ा।"

उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर शमशान घाट तक जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था जल्द ही बहाल की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पंकज कुमार निगम और अंचलाधिकारी (CO) दिव्या चंचल ने बताया कि क्षेत्र को साफ करा दिया गया है। उन्होंने कहा, "हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में दोबारा किसी परिवार को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।"

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