यूपी: रामलीला में 'रावण' बने दलित युवक की फूटी आँख, 'राम' का किरदार निभाने वाले युवक पर FIR दर्ज

सोनभद्र में रामलीला के दौरान हुई वारदात: 5 फीट की दूरी से 'राम' ने 'रावण' की आँख में मारे नुकीले तीर, इलाज में जमापूंजी खत्म, अब मिली जान से मारने की धमकी
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सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक बेहद चौंकाने और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रामलीला मंचन के दौरान आस्था और अभिनय का खेल एक दलित युवक के लिए जीवन भर का अंधेरा बन गया। मंच पर 'रावण' का किरदार निभा रहे 35 वर्षीय सुनील कुमार की दाहिनी आँख, 'भगवान राम' का पात्र निभा रहे युवक द्वारा चलाए गए तीर से पूरी तरह खराब हो गई है। पीड़ित का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था।

घटना के कई महीनों बाद, गुरुवार को शाहगंज पुलिस स्टेशन में इस मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना पिछले साल 13 नवंबर को रामलीला उत्सव के समापन वाले दिन हुई थी। पीड़ित सुनील कुमार, जो पिछले आठ वर्षों से रावण का किरदार निभा रहे थे, मंच पर अपने अभिनय में व्यस्त थे। इस वर्ष भगवान राम का पात्र 22 वर्षीय नैतिक पांडेय निभा रहे थे, जिनका यह पहला ही साल था।

इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से सुनील कुमार ने बताया, "मैं कई सालों से रामलीला से जुड़ा हूँ। पटकथा के अनुसार, अंतिम दिन राम को रावण पर लकड़ी का तीर चलाना होता है। निर्देश साफ थे कि तीर केवल रावण के सिर पर रखे मुकुट पर ही निशाना लगाकर मारा जाएगा। लेकिन नैतिक पांडेय ने रामलीला आयोजन समिति द्वारा दिया गया तीर इस्तेमाल नहीं किया।"

आरोप है कि नैतिक अपने साथ कठोर लकड़ी (हार्डवुड) से बना एक विशेष नुकीला तीर लेकर आए थे। सीन के दौरान उन्हें केवल एक तीर चलाना था, लेकिन उन्होंने करीब 5 फीट की बेहद कम दूरी से एक के बाद एक कई तीर चलाए। इन्हीं में से एक तीर सीधा सुनील की दाहिनी आँख में जा लगा।

इलाज में जमापूंजी खत्म, नौकरी भी गई

नगर निगम में संविदा पर काम करने वाले सुनील कुमार का जीवन इस घटना के बाद पूरी तरह बदल गया है। तीर लगते ही उनकी आँख से खून बहने लगा और मौके पर मौजूद लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए।

सुनील ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, "घटना के बाद से अब तक मेरी दो सर्जरी हो चुकी हैं, लेकिन मेरी आँखों की रोशनी नहीं लौटी। मेरा इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जिसमें मेरी जमापूंजी का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका है। इस हादसे के कारण मेरी नौकरी भी चली गई। अब मैं, मेरी पत्नी और मेरा तीन महीने का बच्चा, आर्थिक मदद के लिए मेरे तीन भाइयों पर पूरी तरह निर्भर हैं।"

जातिसूचक गालियाँ और जान से मारने की धमकी

पीड़ित के भाई, शिवमलाल कुमार ने अपनी शिकायत में रामलीला आयोजक रामस्नेही सिंह को भी सह-आरोपी बनाया है। शिकायत में कहा गया है कि घटना के अगले दिन जब पीड़ित पक्ष रामस्नेही सिंह के घर गया और कहा कि कलाकार उनकी देखरेख में काम कर रहे थे, इसलिए इलाज का खर्च उन्हें उठाना चाहिए, तो वहां उनके साथ बदसलूकी की गई।

आरोप है कि रामस्नेही सिंह और नैतिक पांडेय ने न केवल इलाज का खर्च देने से इनकार किया, बल्कि उनके साथ "गंदी और जातिसूचक गालियों" का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे घटना के तुरंत बाद पुलिस के पास गए थे, लेकिन उस वक्त सुनील के इलाज की प्राथमिकता के चलते वे मामले की पैरवी नहीं कर सके। हाल ही में जब उनके भाई ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया, तब जाकर मामला दर्ज हुआ।

पुलिस की कार्रवाई

शाहगंज थाने के प्रभारी (SHO) राम सिंघासन ने जानकारी दी कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (CO) राहुल पांडेय को सौंपी गई है। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 351 (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा, आरोपियों पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।

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