कोयंबटूर: दलित मैनेजर के ट्रांसफर के बाद ऑफिस में छिड़कवाया गाय का गोबर, बस ड्राइवर निलंबित

दलित मैनेजर के तबादले को ड्राइवर ने बताया 'गंदगी का साफ होना', ऑफिस में गोबर छिड़कने पर मचा बवाल।
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कोयंबटूर: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले से जातिगत भेदभाव की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ मेट्टुपालयम शाखा-1 के एक बस ड्राइवर ने अपने ही ब्रांच मैनेजर के ट्रांसफर होने के बाद उनके ऑफिस के फर्श को गाय के गोबर से साफ़ करवाया। इस घृणित कृत्य के पीछे का कारण मैनेजर का अनुसूचित जाति (SC) से होना बताया जा रहा है।

New Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, मामला सामने आने के बाद तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) के वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर, एस. शशिराज को निलंबित कर दिया है। शशिराज परिवहन निगम की 'एलपीएफ' (LPF) यूनियन का सचिव भी है।

क्या है पूरा मामला?

घटना 23 जनवरी की है। मेट्टुपालयम शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर डी. प्रकाशकुमार, जो अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं, का हाल ही में उक्कडम ट्रांसफर किया गया था। आरोप है कि उनके जाने के तुरंत बाद शशिराज ने एक सफाईकर्मी के जरिए ऑफिस के फर्श को गोबर से लिपवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ने अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा कि "शाखा से गंदगी (मैनेजर के संदर्भ में) साफ हो गई है।"

हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ प्रकाशकुमार के सामने ही हुआ, जिससे वे गहरे सदमे में हैं और तब से काम पर नहीं लौटे हैं।

दबंगई और भेदभाव के गंभीर आरोप

परिवहन निगम के सूत्रों ने शशिराज के कामकाज के तरीकों पर कई गंभीर खुलासे किए हैं. शशिराज ट्रैफिक कंट्रोलर के पद पर रहते हुए कथित तौर पर अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को लंबी और कठिन रूट की ड्यूटी देता था, जबकि अपने समुदाय के लोगों को छोटे और आरामदायक रूट आवंटित करता था। आरोप है कि वह कर्मचारियों से छुट्टी देने और पसंदीदा ड्यूटी के बदले पैसे वसूलता था।

राजनीतिक प्रभाव के कारण वह ब्रांच मैनेजरों के आदेशों की भी अनदेखी करता था। पिछले डेढ़ साल में उसकी इन्हीं हरकतों की वजह से छह ब्रांच मैनेजरों का तबादला हो चुका है।

टकराव की वजह

मौजूदा मैनेजर डी. प्रकाशकुमार ने शशिराज की मनमानी मानने से इनकार कर दिया था और जातिगत भेदभाव बरतने पर उसे मेमो भी जारी किया था। इससे नाराज होकर शशिराज ने कथित तौर पर उच्च अधिकारियों पर दबाव बनवाया, जिसके परिणामस्वरूप प्रकाशकुमार का बिना किसी ठोस कारण के ट्रांसफर कर दिया गया।

आरोपी की सफाई

दूसरी ओर, निलंबित ड्राइवर शशिराज ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि उस पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित और झूठे हैं। शशिराज ने तर्क दिया कि वह केवल कार्यालय की साफ-सफाई बनाए रख रहा था और उस दिन कमरा गंदा होने के कारण सामान्य रखरखाव के तहत सफाई की गई थी।

TNSTC के कोयंबटूर क्षेत्रीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने तक ड्राइवर को सस्पेंड रखा जाएगा। इस घटना ने सरकारी विभागों के भीतर गहरे तक जमी जातिवादी मानसिकता को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है।

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