यूपी में दलित युवक की कस्टोडियल मौत: पट्टी कोतवाली शौचालय में मिला 22 वर्षीय अर्जुन का शव, नाबालिग को भगाने का था आरोप!

पिता की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट में FIR; दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
परिजनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया है।
परिजनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया है।सोशल मीडिया
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प्रतापगढ़- जिले की पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार 21 सितंबर को 22 वर्षीय अर्जुन गौतम उर्फ शैलेश पुत्र लल्लू राम गौतम, निवासी मोलनापुर की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि अर्जुन ने कोतवाली परिसर के शौचालय में कंबल फाड़कर बनाए गए फंदे से फांसी लगा ली। परिजनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया है।सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाना था। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में SHO आनंद पाल सिंह और SI ओंकार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

अर्जुन पर क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी को बहलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज था। किशोरी के भाई ने 11 जुलाई को पहली FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को हैदराबाद से बरामद किया था। किशोरी ने अदालत के सामने कहा था कि परिवार की डांट-फटकार के बाद वह घर से चली गई थी। 16 अगस्त की रात किशोरी दोबारा लापता हुई। 17 अगस्त को उसके पिता ने दोबारा FIR दर्ज कराई। पुलिस ने अर्जुन और किशोरी को गाजियाबाद से ढूंढ़ निकाला। किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। अर्जुन को रविवार 20 सितंबर को पूछताछ के लिए पट्टी कोतवाली लाया गया था। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाना था।

पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह अर्जुन शौच का बहाना करके कोतवाली परिसर के शौचालय में गया और दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं आया तो दरवाजा तोड़ा गया। वह कंबल से बने फंदे से लटकता मिला। उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। ईएमओ डॉ. आशुतोष सिंह ने गाड़ी में जांच के बाद उसे मृत घोषित किया। शव मुर्दाघर में रखा गया। पोस्टमार्टम के लिए पंचायतनामा भरकर शव भेजा गया।

मृतक के पिता लल्लू राम समेत परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अर्जुन को घर से उठाकर कोतवाली लाया, पूछताछ के दौरान पिटाई की और उन्हें मिलने नहीं दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम उनकी जानकारी के बिना कराए जाने का भी आरोप लगाया है। अर्जुन दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। वह म्यूजिक सिस्टम और लाइटिंग का काम करता था।

अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने कहा कि अर्जुन पूछताछ के दौरान शौचालय गया और वहां आत्महत्या कर ली। उन्होंने पिटाई से मौत के आरोप को बेबुनियाद बताया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने कर्तव्य निर्वहन में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद पाल सिंह और विवेचक उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति की है। पुलिस ने बताया कि कोतवाली परिसर के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं।

21 सितंबर की रात मृतक के पिता लल्लू राम की तहरीर पर थाना पट्टी में मुकदमा संख्या 403/2026 दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या), 351(3) (आपराधिक धमकी) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) के तहत नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज है। पुलिस के अनुसार इसमें किशोरी के पिता व भाई तथा अज्ञात पुलिसकर्मी शामिल हैं। जांच चल रही है।

एसपी दीपक भूकर समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस का आधिकारिक रुख आत्महत्या का है, जबकि परिजन हत्या और पिटाई का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप दर्ज हैं।पुलिस को घटना का समय-क्रम, हिरासत में मौजूद व्यक्ति तक कंबल पहुंचने की प्रक्रिया, घटनास्थल की परिस्थितियां और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पड़ताल करनी है।

परिजनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया है।
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