साहिल वाकोडे सुसाइड के छठे दिन अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष ने IIT बॉम्बे में की स्पॉट जांच, माता-पिता से भी मिले

आयोग अध्यक्ष का दौरा मृतक के परिवार द्वारा लगाए गए जाति-आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोपों के मद्देनजर किया गया।
साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मकवाना के समक्ष अपने बेटे की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मकवाना के समक्ष अपने बेटे की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की। फोटो- NCSC
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मुंबई: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने गुरुवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT बॉम्बे) में अनुसूचित जाति के छात्र साहिल वाकोडे की मृत्यु के संबंध में विस्तृत स्पॉट जांच की। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे जिसने 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। इस दुखद घटना के बाद संस्थान और देश भर में काफी विवाद खड़ा हो गया है।

आयोग अध्यक्ष का दौरा मृतक के परिवार द्वारा लगाए गए जाति-आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोपों के मद्देनजर किया गया। मामला वर्तमान में मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के अधीन जांच में है। आयोग इस मामले की जांच अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए उपलब्ध संवैधानिक और वैधानिक सुरक्षा उपायों के ढांचे के भीतर कर रहा है।

दौरे के दौरान अध्यक्ष किशोर मकवाना ने IIT बॉम्बे के वरिष्ठ अधिकारियों डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, रजिस्ट्रार, संबंधित फैकल्टी सदस्यों और अन्य अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की। आयोग ने छात्र की मृत्यु से पहले की घटनाओं का व्यापक विवरण मांगा, जिसमें 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित अकादमिक गड़बड़ी का मामला शामिल है, जब छात्र को कथित रूप से अकादमिक कदाचार में शामिल पाया गया था।

IIT बॉम्बे में स्पॉट जांच के बाद अध्यक्ष मकवाना ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, पुलिस कमिश्नर और जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों (क्राइम ब्रांच के अधिकारियों सहित) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
IIT बॉम्बे में स्पॉट जांच के बाद अध्यक्ष मकवाना ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, पुलिस कमिश्नर और जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों (क्राइम ब्रांच के अधिकारियों सहित) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।फोटो- NCSC

आयोग ने परीक्षा के दौरान छात्र से पूछताछ की परिस्थितियों, उसके बाद अपनाई गई प्रक्रिया, संबंधित फैकल्टी और संस्थान अधिकारियों की भूमिका तथा अनुसूचित जाति के छात्रों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध संस्थागत तंत्र की जांच की। अध्यक्ष ने जोर दिया कि मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और सामग्री जिसमें CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, आधिकारिक संचार, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी सामग्री शामिल हैं, को सुरक्षित रखा जाए और कानून के अनुसार जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाए, ताकि छात्र की मृत्यु की परिस्थितियों को साक्ष्य के आधार पर स्थापित किया जा सके।

स्पॉट जांच के हिस्से के रूप में मकवाना ने व्यक्तिगत रूप से एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग का दौरा किया, जहां साहिल वाकोडे पढ़ाई कर रहे थे। अध्यक्ष ने उस कक्षा/परीक्षा हॉल का भी निरीक्षण किया जहां कथित परीक्षा घटना हुई थी और परीक्षा के दौरान तथा तुरंत बाद की घटनाओं के क्रम के बारे में जानकारी मांगी।
छात्रों से बातचीत करते  किशोर मकवाना
छात्रों से बातचीत करते किशोर मकवाना फोटो- NCSC

इसके बाद आयोग ने हॉस्टल परिसर और मृतक छात्र के कमरे का दौरा किया। अध्यक्ष मकवाना ने साहिल वाकोडे के सहपाठियों और अन्य छात्रों से भी बातचीत की, ताकि उनके अकादमिक और कैंपस अनुभव को समझा जा सके तथा मृत्यु से पहले की परिस्थितियों और घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके। आयोग इन इनपुट्स को आधिकारिक रिकॉर्ड और चल रही जांच के निष्कर्षों के साथ जोड़कर विचार कर रहा है।

IIT बॉम्बे में स्पॉट जांच के बाद अध्यक्ष मकवाना ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, पुलिस कमिश्नर और जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों (क्राइम ब्रांच के अधिकारियों सहित) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में आयोग ने जांच की स्थिति और प्रगति की समीक्षा की तथा FIR, साक्ष्य संग्रह और संरक्षण, CCTV फुटेज, गवाहों की जांच तथा मामले के अन्य प्रासंगिक पहलुओं के बारे में विवरण मांगा।

आयोग अध्यक्ष ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच निष्पक्ष, व्यापक और शीघ्र हो तथा हर प्रासंगिक आरोप और परिस्थिति को उपलब्ध साक्ष्य और कानून के अनुसार सख्ती से जांचा जाए। पुलिस अधिकारियों से सभी प्रासंगिक दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक, फॉरेंसिक और गवाह संबंधी साक्ष्य का उचित संग्रह, संरक्षण और परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। आयोग ने छात्रों, फैकल्टी सदस्यों, संस्थान अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जहां कानून के अनुसार जरूरी हो।

अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को शीघ्र विस्तृत एक्शन टेकन/इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आयोग आगे की जांच कर सके।

इसके बाद मकवाना ने साहिल वाकोडे के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की तथा उनकी शिकायतों और चिंताओं को विस्तार से सुना। परिवार ने आयोग के समक्ष छात्र की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की।

मकवाना ने परिवार को आश्वासन दिया कि आयोग अपने संवैधानिक और वैधानिक जनादेश के अनुसार मामले की जांच करेगा। आयोग जांच की प्रगति की बारीकी से निगरानी करेगा और सामने आने वाले तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर अपने अधिकार क्षेत्र में उचित कार्रवाई करेगा।

आयोग ने दोहराया कि अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए उपलब्ध संवैधानिक और वैधानिक सुरक्षा उपायों की प्रभावी सुरक्षा होनी चाहिए तथा संस्थानों को गरिमा, समानता, गैर-भेदभाव, छात्र कल्याण और प्रभावी शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तंत्र बनाए रखने चाहिए। आयोग ने यह भी जोर दिया कि सभी आरोपों की वस्तुनिष्ठ, पारदर्शी और उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच करते हुए सामाजिक सद्भाव और एकता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

मकवाना के साथ NCSC महाराष्ट्र राज्य कार्यालय के निदेशक डॉ. सुनील कुमार बाबू, NCSC मुख्यालय नई दिल्ली के अत्याचार एवं नागरिक अधिकार संरक्षण (APCR) विंग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आर. स्टालिन तथा NCSC राज्य कार्यालय के अधिकारी मौजूद थे।

साहिल के माता-पिता आजाद मैदान पर अनशन पर बैठे।
साहिल के माता-पिता आजाद मैदान पर अनशन पर बैठे।

इधर गुरूवार को साहिल के माता-पिता आजाद मैदान पर अनशन पर बैठे। वे IIT कैंपस के बाहर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर आजाद मैदान ले जाए गए। वकील सिद्धार्थ इंगले ने बताया कि वाकोडे दम्पति की NCSC अध्यक्ष किशोर मकवाना से मुलाकात हुई, माता-पिता ने अपनी मांगें रखीं जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी, उचित FIR और मामले को CBI को सौंपने की मांग की गई। इंगले ने बताया कि आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए। माता-पिता न्याय मिलने तक विरोध पर अड़े हैं। रविंद्र वाकोडे ने कहा, “जिन लोगों ने मेरे बेटे को प्रताड़ित किया, उन्हें जेल में होना चाहिए। जाति आधारित भेदभाव के बारे में बेटा बार-बार बताता था।” सोनाली वाकोडे ने भी प्रोफेसर केडारे और डूला के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।

आजाद मैदान से धरने की अनुमति नहीं मिलने पर शाम करीब 7 बजे माता-पिता निकल गए। शुक्रवार को फिर प्रदर्शन जारी रखने पर फैसला लिया जाएगा। परिवार ने पूरे CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की भी मांग की है।

साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मकवाना के समक्ष अपने बेटे की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
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साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मकवाना के समक्ष अपने बेटे की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
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साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मकवाना के समक्ष अपने बेटे की मृत्यु से पहले की परिस्थितियों संबंधी आरोप रखे और आयोग से उचित हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
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