
तमिलनाडु: शिवगंगा जिले में एक दलित व्यक्ति पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी घटना मंगलवार शाम को एक आपसी कहासुनी के बाद हिंसक रूप ले लेने के कारण घटी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, 3 मार्च (मंगलवार) की शाम को इडाईकट्टूर के रहने वाले पीड़ित रासु की अपने ही परिचितों के साथ तीखी बहस हो गई थी। इन परिचितों की पहचान चेट्टीकुलम के रहने वाले पांडियाराजन और वी पुदुकुलम के निवासी महेश्वरन के रूप में हुई है। हालांकि, शुरुआत में ऐसा लगा कि बातचीत के बाद मामला शांत हो गया है, लेकिन उसी रात स्थिति ने अचानक हिंसक मोड़ ले लिया।
आरोप है कि महेश्वरन अपने कई समर्थकों के साथ रासु के घर में जबरन घुस गया। वहां इस समूह ने फिर से नया विवाद शुरू कर दिया और रासु के साथ शारीरिक रूप से मारपीट की, जिससे उसे चोटें आई हैं।
इस घटना के बाद, पीड़ित की शिकायत के आधार पर मानमदुरै पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें दंगा करना, अश्लील शब्दों का प्रयोग करना, जानबूझकर चोट पहुंचाना और आपराधिक धमकी देने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। हमले की प्रकृति को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कई धाराएं भी लगाई हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि अब तक पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसके साथ ही, फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की एक विशेष टीम लगातार काम कर रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इडाईकट्टूर और उसके आसपास के गांवों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।
इस बीच, राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है। वीसीके (VCK) प्रमुख थोल तिरुमावलवन ने गुरुवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि वह पेरुमपट्टू और शिवगंगा में हुए इन हालिया घातक हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को सिर्फ सजा देने तक ही सीमित न रहे।
वीसीके नेता ने जोर देकर कहा कि सरकार को उन 'नापाक मंसूबों' का भी पर्दाफाश करना चाहिए, जो कथित तौर पर 'वर्चस्ववादी समूहों' के बीच नशीले पदार्थों के सेवन से प्रेरित होकर इस तरह की सुनियोजित हिंसा को अंजाम दे रहे हैं।
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