MP: चोरी के शक में 3 दलित नाबालिगों की पिटाई, आधे सिर मुंडवाए; डर के कारण स्कूल जाना छोड़ा!

परिजनों का आरोप- बच्चों को सात घंटे तक बंधक बनाकर पीटा, पेड़ से बांधकर मारने और जातिसूचक गालियां देने के भी आरोप; एसपी ने जांच के दिए निर्देश
MP: चोरी के शक में 3 दलित नाबालिगों की पिटाई, आधे सिर मुंडवाए; डर के कारण स्कूल जाना छोड़ा!
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भोपाल। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चोरी के शक में अनुसूचित जाति वर्ग के तीन नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट करने, उनके सिर के आधे बाल मुंडवाने और गांव में अपमानित करने का मामला सामने आया है। बच्चों की उम्र 12 से 15 साल के बीच बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि ग्रामीणों ने बच्चों पर मोटर पंप चोरी करने का संदेह जताते हुए उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की। बच्चों के सिर के आधे बाल मुंडवा दिए गए और उन्हें गालियां देकर अपमानित किया गया।

घटना के बाद से तीनों बच्चे डरे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक, बदनामी और दोबारा प्रताड़ित किए जाने के डर से बच्चे घर से बाहर निकलने में भी घबरा रहे हैं। उन्होंने स्कूल जाना तक छोड़ दिया है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले में पुलिस अधीक्षक ने बरगवां थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं।

सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बंधक बनाने का आरोप

परिजनों के अनुसार, घटना 1 अक्टूबर की है। आरोप है कि उस दिन सुबह करीब 9 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया। बच्चों पर मोटर पंप चोरी करने का आरोप लगाया गया था। इसी संदेह के आधार पर उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने की बात कही गई है।

परिजनों का आरोप है कि बच्चों के सिर के आधे बाल भी मुंडवा दिए गए, जिससे उन्हें गांव में अपमान का सामना करना पड़ा। इस घटना का बच्चों पर मानसिक असर पड़ा है। वे लोगों के सामने जाने और स्कूल लौटने से डर रहे हैं।

आरोपियों में गोविंद सिंह, बलराम सिंह, इंद्रभान सिंह और हरिनारायण बैस के नाम सामने आए हैं। हालांकि, इन लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पीड़ित बच्चे ने सुनाई आपबीती, पेड़ से बांधकर पीटने का आरोप

मामले में 13 वर्षीय एक पीड़ित बच्चे ने बताया कि उसे चोरी के मामले में फंसाया जा रहा है। बच्चे के मुताबिक, वह अपनी मां के कपड़े लेने गया था। रास्ते में बुद्ध सिंह गोंड नाम के व्यक्ति ने उससे कहा कि वह उसे छोड़ देगा। लेकिन आरोप है कि उसे उसके बताए स्थान पर ले जाने के बजाय जंगल की ओर ले जाया गया।

पीड़ित ने बताया कि वहां उससे मोटर चोरी करने को लेकर पूछताछ की गई और उसके साथ मारपीट की गई। बच्चे ने बुद्ध सिंह और गोविंद सिंह पर पिटाई करने का आरोप लगाया। उसने यह भी कहा कि गोविंद सिंह ने उसे पेड़ से बांधकर पीटा और उसके सिर के बाल मुंडवा दिए।

बच्चे की आपबीती से पता चलता है कि घटना के बाद वह डरा हुआ है। हालांकि, उसके बयान में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

थाने में सुनवाई नहीं हुई, परिजनों का आरोप

पीड़ित बच्चों के परिजनों का कहना है कि वे घटना की शिकायत लेकर बरगवां थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अजाक थाने का रुख किया।

परिजनों ने मांग की है कि बच्चों के साथ कथित मारपीट, उन्हें बंधक बनाने, सिर मुंडवाने और जातिसूचक गालियां देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, बच्चों को सुरक्षा दी जाए, ताकि वे बिना किसी डर के स्कूल जा सकें और सामान्य जीवन में लौट सकें।

परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कम उम्र में इस तरह के कथित अपमान और हिंसा का सामना करने के कारण वे मानसिक दबाव में हैं। ऐसे में परिवार चाहता है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करे।

एसपी बोले- दोनों पक्षों के बीच हुआ था समझौता

पुलिस अधीक्षक शियाज केएम ने बताया कि बच्चों पर मोटर पंप चोरी करने के आरोप थे। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने बच्चों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। एसपी ने यह भी कहा कि 1 अक्टूबर को ही आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच समझौता हो गया था।

हालांकि, अब परिजनों ने बच्चों के साथ मारपीट करने, सिर के बाल मुंडवाने और जातिसूचक गालियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए एसपी ने बरगवां थाना प्रभारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

एसपी के मुताबिक, जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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