कर्नाटक: भारत की पहली कोस्ट गार्ड अकादमी विवादों में, दलित परिवारों का इकलौता रास्ता हुआ बंद

केन्जर में 159 एकड़ में बन रही अकादमी की दीवार से 10 परिवारों का रास्ता बंद, 70 साल से रह रहे लोगों ने प्रशासन पर लगाए अनदेखी के आरोप, दी आंदोलन की चेतावनी।
Dalit Lives Matter
Dalit Lives MatterPic- Scroll. in
Published on

मैंगलुरु: मैंगलुरु के बाहरी इलाके केन्जर (Kenjar) में बन रही भारत की पहली 'कोस्ट गार्ड अकादमी' (CGA) का निर्माण कार्य विवादों में घिर गया है। परियोजना स्थल के पास रहने वाले दलित परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अकादमी की चारदीवारी (कंपाउंड वॉल) के निर्माण के कारण उनकी बस्ती की ओर जाने वाला एकमात्र रास्ता कट गया है, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) ने कोस्ट गार्ड अकादमी के लिए 159 एकड़ जमीन आवंटित की है। वर्तमान में यहाँ चारदीवारी की नींव रखने का काम तेजी से चल रहा है। अकादमी साइट के करीब स्थित एक छोटी सी बस्ती, मूडुबालिके (Moodubalike) के निवासियों का दावा है कि करीब दो महीने पहले निर्माण गतिविधियों के चलते उस कच्चे रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया, जो उनकी कॉलोनी तक पहुँचने का एकमात्र जरिया था।

70 साल से रह रहे हैं परिवार

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से, दलित संघर्ष समिति (DSS) के जिला संयोजक सदाशिव पदुबिद्री ने बताया कि इस क्षेत्र में करीब 10 दलित परिवार पिछले 70 वर्षों से निवास कर रहे हैं। उन्हें 1994 में सरकार की 'आश्रय आवास योजना' के तहत मालिकाना हक (टाइटल डीड) भी प्रदान किए गए थे। कानूनी रूप से अपने घरों के मालिक होने के बावजूद, अब सड़क संपर्क टूटने से ये परिवार खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।

पदुबिद्री ने स्थिति की गंभीरता को समझाते हुए कहा कि यह कॉलोनी तीन तरफ से निजी संपत्तियों (Private Properties) से घिरी हुई है, और सर्वे नंबर 116/7 से सटा एक कच्चा रास्ता ही उनके आने-जाने का एकमात्र मार्ग था।

उन्होंने कहा, "यह सड़क हमारी दैनिक जरूरतों—जैसे काम पर जाना, स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मानसून के दौरान समस्या और भी विकराल हो जाएगी, क्योंकि तब यह पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है।"

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से नहीं मिली मदद

DSS नेताओं के मुताबिक, उन्होंने सांसद कैप्टन बृजेश चौटा, विधायक उमानानाथ कोटियन, डिप्टी कमिश्नर, कोस्ट गार्ड अधिकारियों और तहसीलदार से बार-बार अपील की, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली।

DSS के एक अन्य नेता, रघु के. एक्कर ने बताया, "सांसद ने अपनी असमर्थता जताई और हमारा ज्ञापन तक स्वीकार नहीं किया। बाद में उन्होंने तहसीलदार को मौके का निरीक्षण करने का निर्देश दिया, लेकिन यह निरीक्षण भी स्थानीय निवासियों को सूचित किए बिना ही कर लिया गया।"

रघु ने यह भी जोड़ा कि कोस्ट गार्ड के अधिकारियों ने पहले मौखिक रूप से आश्वासन दिया था कि रास्ता बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने समाधान सुझाते हुए कहा, "हमारे पास कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है क्योंकि बाकी तीन तरफ निजी जमीनें हैं और उनके मालिक हमें वहां से गुजरने की अनुमति नहीं देंगे। मौजूदा कंक्रीट सड़क से हमारे घर मुश्किल से 50 मीटर की दूरी पर हैं। यदि कोस्ट गार्ड थोड़ी सी जमीन छोड़ दे, तो हमारी बस्ती के लिए एक उचित रास्ता बनाया जा सकता है।"

आंदोलन की चेतावनी

दलित संघर्ष समिति ने मांग की है कि चारदीवारी का निर्माण तत्काल रोका जाए। उन्होंने सांसद और डिप्टी कमिश्नर से हस्तक्षेप कर वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि सड़क तक पहुँच एक मौलिक अधिकार है और चेतावनी दी कि यदि अनुसूचित जाति के परिवारों के साथ हो रहे इस कथित अन्याय का समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

अधिकारी ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, एक कोस्ट गार्ड अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इन सभी आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि किसी भी सड़क को रोकने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि पंचायत के रिकॉर्ड में उस स्थान पर कोई सड़क दर्ज ही नहीं है।

Dalit Lives Matter
ऑफिस रोमांस वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड हुए कर्नाटक DGP रामचंद्र राव, वर्किंग आवर्स में अश्लील व्यवहार ने मचाई सनसनी!
Dalit Lives Matter
एमपी आनंदपुर ट्रस्ट बना “मध्य प्रदेश का डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2”? धाम के महात्माओं पर सेवादारों से यौन शोषण का आरोप, कांग्रेस ने उठाए सवाल!
Dalit Lives Matter
मणिपुर हिंसा: गैंगरेप के 2.7 साल बाद 'शौर्या'ने हारी जिंदगी! KWOHR की मांग: कूकी-ज़ो महिलाओं पर यौन अत्याचार को Crimes against Humanity मानो

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com