
भोपाल। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र में स्थित आनंदपुर धाम एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने सोमवार को भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंदपुर ट्रस्ट पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे “मध्य प्रदेश का डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2” बताते हुए कहा कि यहां सालों से अवैध, अनैतिक और आपराधिक गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
प्रदीप अहिरवार ने कहा कि आनंदपुर धाम अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह दलित-आदिवासी समाज के शोषण, यौन अपराध, जमीनों पर कब्जे और संगठित अपराध का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है।
अहिरवार ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े एक महात्मा द्वारा एक युवक के साथ यौन शोषण किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना का वीडियो सबूत उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि यह वीडियो इसलिए सार्वजनिक किया जा रहा है ताकि संत का मुखौटा पहनकर घूम रहे ऐसे लोगों की सच्चाई समाज के सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े इलाकों में दलित और आदिवासी बेटियों के साथ लगातार यौन शोषण की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन पीड़ित परिवार डर, दबाव और प्रशासन की बेरुखी के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे।
प्रदीप अहिरवार ने यह भी आरोप लगाया कि आनंदपुर धाम में युवकों का शोषण किया जा रहा है और यहां संगठित देह व्यापार का रैकेट चल रहा है। उनका कहना है कि यह सब किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे तंत्र का खेल है, जिसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और सेवादारों का भी शोषण किया जाता है और उन्हें डराकर, दबाव बनाकर काम कराया जाता है। यह पूरा ढांचा एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने बड़ी संख्या में आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है। गरीब आदिवासी परिवारों को बहला-फुसलाकर या दबाव में लेकर उनकी जमीन ट्रस्ट के नाम करवाई गई।
उनका कहना है कि कई मामलों में शिकायतें कलेक्टर और पुलिस को दी गईं, लेकिन न तो जमीन वापस दिलाई गई और न ही दोषियों पर कोई सख्त कार्रवाई हुई।
प्रदीप अहिरवार ने तीन आईएएस अधिकारियों जिनमें मुख्यरूप से विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल के नाम लेकर बड़ा आरोप लगाया कि वे ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आनंदपुर ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए है और इस पैसे का इस्तेमाल हवाला और दूसरे गैरकानूनी तरीकों से काले धन को सफेद करने में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट से जुड़ा एक नेटवर्क दुबई तक फैला हुआ है और पैसा विदेशों में भेजकर उसे वैध बनाया जा रहा है।
अहिरवार ने बताया कि साल 2025 में आनंदपुर धाम से जुड़ी गौहत्या की शिकायत भी की गई थी। यह मामला डीजीपी स्तर तक पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने गंभीर आरोपों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो साफ है कि कहीं न कहीं सत्ता और प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है।
कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि यह पूरा मामला केवल यौन शोषण और जमीन कब्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बाहर से लाकर यहां रखा जाता है और फिर उनका शोषण किया जाता है।
शिकायतों पर पुलिस-प्रशासन की चुप्पी प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों से लगातार शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करना जरूरी नहीं समझा, जबकि मामला उनके ही क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
प्रदीप अहिरवार ने कहा कि जिस तरह डेरा सच्चा सौदा में धर्म के नाम पर शोषण, यौन अपराध और काले कारोबार चलते थे, उसी तरह आनंदपुर ट्रस्ट में भी हो रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां अब तक सच पूरी तरह सामने नहीं आ पाया है।
इसी वजह से उन्होंने आनंदपुर ट्रस्ट को “मध्य प्रदेश का डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2” कहा और मांग की कि इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।
कांग्रेस ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। प्रदीप अहिरवार ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन निष्पक्ष जांच नहीं कराते हैं तो कांग्रेस जल्द ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
उन्होंने कहा, “अगर निष्पक्ष जांच हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो लोग खुद को संत बताकर समाज को लूट रहे हैं, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”
इस पूरे मामले में अभी तक आनंदपुर ट्रस्ट, आरोपित महात्माओं या जिन अधिकारियों के नाम लिए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। द मूकनायक ने धाम के सुनील महात्मा से बातचीत की लेकिन उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।
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