महाराष्ट्र: जालना जिले से अमानवीय घटना सामने आई है। यहां खुद को बजरंग दल का सदस्य बताने वाले कथित गो-रक्षकों ने एक दलित व्यक्ति के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित को सरेराह पीटा गया, जातिसूचक गालियां दी गईं और उसे जबरन पशु का गोबर खिलाया गया। आरोपियों ने पीड़ित के 11 साल के मासूम बेटे को भी नहीं बख्शा और उसे भी निर्वस्त्र कर अपमानित करने की धमकी दी।
यह दिल दहला देने वाली वारदात 23 मई 2026 की बताई जा है। इतने महीनों तक पीड़ित खौफ के साए में जी रहा था। लेकिन हाल ही में जब इस बर्बरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो मामला पुलिस की नजर में आया। इसके बाद गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को जालना के तालुका पुलिस स्टेशन में छह आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस इंस्पेक्टर संतोष साबले ने बताया कि आरोपियों की पहचान वेंकटेश भगत, अर्जुन सिंह, शिवराज पिच्छाडे, सोमेश पाटिल, यश सरकटे और रितेश देशमुख के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 115(2) (जानबूझकर शारीरिक चोट पहुंचाना), और 189(2) (गैरकानूनी जमावड़ा) के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पेशे से ट्रक ड्राइवर और मामले के शिकायतकर्ता परमेश्वर सुहास हिवाले ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई। हिवाले के मुताबिक, वह अपने 11 वर्षीय बेटे और एक परिचित नारायण मारुति कांबले के साथ लौट रहे थे। कांबले ने देउलगांव राजा शहर के साप्ताहिक पशु बाजार से एक बैल खरीदने के लिए उनकी पिक-अप गाड़ी किराए पर ली थी। जालना के कन्हैयानगर इलाके में अचानक मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
इन लोगों ने खुद को गो-रक्षक बताया और हिवाले की कॉलर पकड़ कर पूछताछ करने लगे। पीड़ित ने बताया कि बैल कानूनी रूप से खरीदा गया है और इसके दस्तावेज भी दिखाए। लेकिन आरोपियों ने एक नहीं सुनी और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जब हिवाले ने अपना नाम और जाति बताई, तो आरोपियों ने उन्हें भद्दी जातिसूचक गालियां दीं। हद तो तब हो गई जब एक आरोपी ट्रक के पीछे से गोबर लेकर आया और उसे जबरन हिवाले के मुंह में ठूंस दिया।
हमलावरों ने उस मासूम बेटे को भी गोबर खिलाने की कोशिश की, लेकिन पिता ने किसी तरह उसे बचा लिया। आरोपियों ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल फोन पर वीडियो भी बनाया। उन्होंने पीड़ित और उसके बेटे को सड़क पर नंगा करके घुमाने की धमकी दी। उन्होंने कांबले को भी पीटा और उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। आरोपियों का आरोप था कि हिवाले उस बैल को किसी मुस्लिम कसाई को बेचने की योजना बना रहे थे और उन्होंने पुलिस में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
इस पूरे मामले में एक और पहलू भी है। जालना के पुलिस उपाधीक्षक अनंत कुलकर्णी के अनुसार, 23 मई को घटना वाले दिन मौके पर भीड़ जमा हो गई थी और पुलिस तीनों पीड़ितों को थाने ले गई थी। उस दौरान पुलिस को हिवाले की गाड़ी के बंद ट्रेलर में तीन गाय और दो अन्य मवेशी मिले थे। पुलिस ने तब पशुओं समेत वाहन को जब्त कर लिया था और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस फिलहाल दोनों ही मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।
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