
उत्तर प्रदेश: हापुड़ जिले का बदरौली गांव इस समय भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। यहां दो गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में गंभीर रूप से घायल एक दलित युवक ने रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत के बाद इलाके में हालात को काबू में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने जान गंवाने वाले युवक की पहचान लगभग 26 वर्षीय दीपक के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसक टकराव में दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। इस घटना में दीपक के अलावा तीन अन्य लोग भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं, जिनके नाम मनीष, बंटी और मुनेश (एक महिला) बताए गए हैं।
इस खूनी खेल की जड़ें करीब दो साल पुरानी रंजिश से जुड़ी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूर्व ग्राम प्रधान अमरपाल के बेटे और पूर्व ग्राम प्रधान संदीप चौधरी के परिवार का स्थानीय निवासी अंश के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह पूरा झगड़ा सोशल मीडिया पर की गई कुछ टिप्पणियों और जिम से जुड़े एक मामले को लेकर शुरू हुआ था। इस रंजिश को लेकर पहले एक एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
बीते शुक्रवार की सुबह इसी पुरानी दुश्मनी ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया। किसी बात को लेकर शुरू हुई ताजा बहस अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। देखते ही देखते इलाके में गोलियां चलने लगीं और पथराव शुरू हो गया। इसी खौफनाक बवाल में दीपक समेत चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
दीपक की मौत की खबर फैलते ही गांव में किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विनीत भटनागर ने हालात पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की लगातार अपील कर रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक इस हिंसक घटना के सिलसिले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, फरार चल रहे बाकी आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
इस दर्दनाक घटना के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए लिखा कि हापुड़ नगर थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष में घायल एक दलित युवक की मौत होना बेहद दुखद है।
बसपा सुप्रीमो ने राज्य सरकार से मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को हर हाल में कड़ी कानूनी सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को उचित मदद मुहैया कराई जानी चाहिए। उन्होंने आपसी विवादों के इस तरह खून-खराबे में बदलने को अत्यधिक निंदनीय और चिंताजनक बताया। साथ ही यह भी जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में सरकारी हस्तक्षेप के जरिए समय रहते रोकथाम होनी चाहिए, ताकि छोटे विवाद किसी बड़े संघर्ष का रूप न ले सकें।
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