तमिलनाडु में दलित परिवार पर हमला: घर में घुसकर की गई बर्बर मारपीट और तोड़फोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

तमिलनाडु के पलानी में दलित परिवार पर सवर्णों की भीड़ का जानलेवा हमला और घर में तोड़फोड़, पुलिस ने एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
पिटाई, सांकेतिक तस्वीर
पिटाई, सांकेतिक तस्वीर
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नई दिल्ली: तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी में एक दलित परिवार पर जातिसूचक टिप्पणियां करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार सुबह सवर्ण समुदाय के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह पूरी वारदात बुधवार को शुरू हुई जब पलानी के नायकरपट्टी के करीब स्थित वीपी पुदुर के रहने वाले 42 वर्षीय वी. अरुमुगम और उनकी 37 वर्षीय पत्नी ए. लक्ष्मी को बुरी तरह निशाना बनाया गया। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस पीड़ित परिवार पर एक ही दिन में दो बार हमला किया गया था।

पहली घटना बुधवार दिन में तब घटी जब पेशे से खेतिहर मजदूर अरुमुगम खेत के बाहर अपने साथी कर्मचारियों के साथ सामान्य बातचीत कर रहे थे। उसी समय 26 वर्षीय एस. कार्थी नाम के एक युवक ने वहां आकर विवाद शुरू कर दिया। यह बहस इतनी बढ़ गई कि कार्थी ने अरुमुगम पर पत्थर से हिंसक हमला कर दिया।

मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव कर कार्थी को शांत कराया और मामले को संभाला। घायल अरुमुगम को आनन-फानन में स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

हालांकि, यह रंजिश यहीं खत्म नहीं हुई और रात होते-होते इसने एक बेहद खौफनाक रूप ले लिया। उसी रात कार्थी के नेतृत्व में सवर्ण समुदाय के लोगों की एक अनियंत्रित भीड़ ने अरुमुगम के घर पर अचानक धावा बोल दिया।

हमलावरों ने पूरे घर में जमकर तोड़फोड़ की और अरुमुगम के साथ-साथ उनकी पत्नी लक्ष्मी को भी बुरी तरह पीटा। जब बचाव के लिए उनके कुछ रिश्तेदार आगे आए, तो बेकाबू भीड़ ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी हिंसक मारपीट की। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

इस बर्बर हमले में अरुमुगम की बेटी जयंती, उनकी रिश्तेदार रामथाई और परिवार के ही अरुमुगम नाम के एक अन्य व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं। घटना वाली रात ही इन सभी घायलों को इलाज के लिए पलानी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हिंसक घटना को लेकर कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है।

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