तमिलनाडु: कोयंबटूर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के 11वीं कक्षा के एक छात्र ने बुधवार, 21 अक्टूबर को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आरोप है कि छात्र को उसके कुछ सहपाठियों और एक शिक्षक द्वारा उसकी जाति और खान-पान की आदतों को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीलामेडु पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने 21 अक्टूबर की देर रात स्कूल के प्रिंसिपल अरुणकुमार, शिक्षक विजयकुमार और दो सहपाठियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। इसके बाद गुरुवार, 22 अक्टूबर को पुलिस ने शिक्षक विजयकुमार से विस्तृत पूछताछ भी की।
मृतक छात्र की पहचान 16 वर्षीय ए. अकिलन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे अकिलन स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसकी मां ए. कौशल्यादेवी भारती कॉलोनी में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। जब वह दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने घर लौटीं, तो मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाने पर उन्होंने अपने बेटे को मृत अवस्था में पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कौशल्यादेवी ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दो महीने पहले कक्षा में शिक्षक विजयकुमार ने उन छात्रों को खड़े होने के लिए कहा था जो बीफ (गोमांस) खाते हैं। अकिलन सहित पांच छात्र अपनी जगह पर खड़े हो गए थे। इससे पहले, शिक्षक ने छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति के छात्रों की जानकारी भी मांगी थी, जिसमें अकिलन ने अपना नाम दर्ज कराया था।
मां का आरोप है कि बीफ वाली घटना के बाद से ही अकिलन के दो सहपाठी उसे उसकी जाति को लेकर लगातार परेशान कर रहे थे और उसके साथ मारपीट भी की गई। अकिलन ने इसकी शिकायत शिक्षक विजयकुमार और प्रिंसिपल अरुणकुमार दोनों से की थी, लेकिन किसी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
कौशल्यादेवी खुद स्कूल जाकर इस मुद्दे पर बात करना चाहती थीं, लेकिन अकिलन ने उन्हें रोक दिया। छात्र को डर था कि ऐसा करने पर उसे स्कूल में और ज्यादा अलग-थलग कर दिया जाएगा तथा निशाना बनाया जाएगा। अकिलन के पिता अशोक कुमार केरल के एक रिसॉर्ट में काम करते हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपी छात्रों, शिक्षक और प्रिंसिपल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 108 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
इस बीच, माध्यमिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी ने भी गुरुवार को स्कूल का दौरा कर मामले की जांच की। इस विभागीय पूछताछ में पता चला कि छात्रवृत्ति के लिए छात्रों का नामांकन दो अन्य एससी शिक्षक स्वेच्छा से कर रहे थे, जबकि आरोपी विजयकुमार मृतक के क्लास टीचर थे। जांच में यह भी सामने आया कि अकिलन की मां 8 अक्टूबर को प्रोग्रेस रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने स्कूल गई थीं, लेकिन तब उन्होंने किसी से दुर्व्यवहार की कोई शिकायत नहीं की थी।
घटना का संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने कोयंबटूर शहर के पुलिस आयुक्त को इस पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
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