
पाटन- गुजरात के पाटन जिले के संतलपुर तहसील के पिपराला गांव में एक 26 वर्षीय दलित मजदूर तुलसी सोलंकी पर जातिगत हिंसा का शिकार होने का मामला सामने आया है। सोलंकी ने एक व्यक्ति को अपना चश्मा उधार न देने पर तीन लोगों ने उन पर लाठियों, मुट्ठियों और लातों से हमला किया, साथ ही जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे हनुमान मंदिर के पास हुई।
तुलसी सोलंकी मंगलवार शाम हनुमान मंदिर के पास खड़े थे। इस दौरान देवशी कोली नामक व्यक्ति ने उनसे चश्मा उधार मांगा। सोलंकी के मना करने पर देवशी ने उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं और विवाद हो गया। लगभग 30 मिनट बाद देवशी अपने साथी भिखू कोली के साथ मोटरसाइकिल पर लौटा और फिर से गालियां देते हुए सोलंकी से सवाल-जवाब करने लगे।
सोलंकी के माता-पिता वेला और डेमाबेन भी मौके पर पहुंचे और आरोपी पक्ष का विरोध करने लगे। इसी बीच तीसरा आरोपी मंडन कोली लाठी लेकर दूसरी मोटरसाइकिल पर आ गया। मंडन ने सोलंकी के बाएं कंधे पर लाठी से प्रहार किया, जिससे वे गिर पड़े। फिर मंडन ने उनके बाएं पैर के नीचे घुटने पर वार किया। भिखू कोली ने सोलंकी के पिता को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। तीनों ने मिलकर सोलंकी को मुक्के और लातों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। गांववासी इकट्ठा होने पर आरोपी मोटरसाइकिल पर फरार हो गए।
हमले से सोलंकी को गंभीर चोटें आईं, उसे पहले संतलपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद धरपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चोटें गंभीर हैं। पीड़ित के परिजनों ने मंगलवार देर रात संतलपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने देवशी कोली, भिखू कोली और मंडन कोली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं को भी लागू किया गया है।
संतलपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपी को पकड़ लेंगे।
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