
आंध्र प्रदेश में गड़े साई कृष्ण की कथित कस्टोडियल हत्या के मामले में घिरे निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उन पर एक दलित व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगा है। इस नए घटनाक्रम के बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
विजयवाड़ा के रहने वाले पेरुगोगु क्रांति कुमार का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में उन्होंने सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपनी जान देने की बात कही है। इस वीडियो के सामने आने के दो दिन बाद, 20 जून शनिवार को YSRCP के नेताओं ने मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनकी मौत की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
क्रांति कुमार आंध्र मदिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति (MRPS) के अध्यक्ष पेरुगोगु वेंकटेश्वर राव के बेटे थे। 42 वर्षीय क्रांति ने 21 मई को एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने की अपनी मंशा जाहिर की थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह कृष्ण लंका पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
यह दर्दनाक वीडियो 18 जून को तब तेजी से फैलने लगा, जब इंस्पेक्टर नागराजू को गड़े साई कृष्ण नाम के एक अन्य व्यक्ति की गुमशुदगी के मामले में निलंबित कर दिया गया। इस वायरल वीडियो में क्रांति कुमार को बैंगनी रंग के दाने (जहर) खाते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है।
जहर खाने से ठीक पहले क्रांति वीडियो में कहते हैं कि उनकी मौत के लिए पूरी तरह से सीआई नागराजू जिम्मेदार हैं। वह भावुक होते हुए कहते हैं कि उनकी एकमात्र गलती मदिगा समुदाय में जन्म लेना है। क्रांति ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और बुरी तरह पीटा गया है, जिसके चलते अब वह आगे नहीं जीना चाहते।
निलंबित सीआई नागराजू के खिलाफ हत्या और गुमशुदगी का एक अन्य मामला गड़े साई कृष्ण की मां गड़े विजया लक्ष्मी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत दर्ज होने से पहले साई कृष्ण एक महीने से अधिक समय से लापता थे। पुलिस को अब आशंका है कि उनकी हत्या कर दी गई है।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(4) और 127(6) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 103(1) (हत्या), और 238 (सबूत नष्ट करना) के तहत दर्ज किया गया है। विजया लक्ष्मी ने गंभीर आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 जून को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी द्वारा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसी निर्देश के बाद सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
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