
नई दिल्ली। न्यू दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026 में The Mooknayak के पत्रकार और लेखक अंकित पचौरी की किताब ‘आदिवासी रिपोर्टिंग’ प्रदर्शित हो चुकी है। 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक चल रहे इस अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस किताब को पाठकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
यह किताब वर्ल्ड बुक फेयर प्रगति मैदान, मथुरा रोड, नई दिल्ली में आयोजित मेले में हॉल नंबर 6, स्टॉल नंबर V-20 पर प्रदर्शित की गई थी। प्रकाशक inkScribe की ओर से इसे खास तौर पर सामाजिक सरोकारों पर आधारित पुस्तकों की श्रेणी में प्रस्तुत किया गया था।
‘आदिवासी रिपोर्टिंग’ में लेखक अंकित पचौरी ने आदिवासी समाज के जीवन, संघर्ष, संस्कृति और समस्याओं को जमीनी स्तर से सामने रखा है। किताब में शिक्षा, स्वास्थ्य, जंगल-जमीन, विस्थापन, रोजगार और पहचान जैसे मुद्दों पर आधारित रिपोर्टिंग शामिल है।
अंकित पचौरी ने कई वर्षों तक आदिवासी इलाकों में जाकर रिपोर्टिंग की है और उन्हीं अनुभवों को इस किताब में संकलित किया है। यह किताब उन आवाज़ों का दस्तावेज़ है जो अक्सर मुख्यधारा की मीडिया में जगह नहीं पा पातीं।
पुस्तक मेले के दौरान ‘आदिवासी रिपोर्टिंग’ को छात्रों, शोधार्थियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खास रुचि के साथ देखा। कई पाठकों ने इसे मध्यप्रदेश के आदिवासी समाज को समझने के लिए जरूरी किताब बताया। मेले में आए लोगों ने लेखक से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना और आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी सच्चाई को समझने का प्रयास किया।
अंकित पचौरी एक पत्रकार और लेखक हैं, जो सामाजिक न्याय, दलित-आदिवासी मुद्दों और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित जमीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। वे डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘द मूकनायक’ में डिप्टी एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं और खास तौर पर मध्यप्रदेश सहित देश के आदिवासी क्षेत्रों में जाकर रिपोर्टिंग करते रहे हैं। उनकी किताब ‘आदिवासी रिपोर्टिंग’ आदिवासी समाज के जीवन, संघर्ष, संस्कृति और समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, जिसमें हाशिए के समाज की अनसुनी आवाज़ों को प्रमुखता से रखा गया
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