
भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नर्मदापुरम में 5 इंच, रायसेन में 4.9 इंच, राजगढ़ और शाजापुर में 4.5-4.5 इंच तथा सीहोर में करीब 4 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है।
लगातार हो रही बारिश से राजधानी समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ सड़कों, पुल-पुलियाओं और रेलवे अंडरपास पर पानी आने से आवागमन रोकना पड़ा है। वहीं, लगातार बारिश के कारण बांधों और जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
भोपाल में 7 इंच बारिश, कई इलाकों में जलभराव
राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
लगातार बारिश के कारण शहर के तालाबों, बांधों और अन्य जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ गई है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारी बारिश को देखते हुए भोपाल में स्कूलों की छुट्टी भी घोषित की गई है। जलभराव वाले इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। मंत्री विश्वास सारंग ने भी शहर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
सीहोर में सड़कें डूबीं, घरों में घुसा पानी
भोपाल से लगे सीहोर जिले में भी भारी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है। जिले में कई स्थानों पर सड़कें और रास्ते पानी में डूब गए हैं। कुछ इलाकों में मकानों के भीतर तक पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।
ब्यावरा में रेलवे अंडरपास डूबा, 25 गांवों का संपर्क टूटा
राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र में भारी बारिश के बाद रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। पानी का स्तर बढ़ने के कारण करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। अंडरपास में पानी भरने से ग्रामीणों और वाहन चालकों की आवाजाही बंद हो गई।
भोपाल-बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के ऊपर पानी
भोपाल-बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के ऊपर पानी आने के बाद आवागमन रोक दिया गया है। पुल के ऊपर पानी का बहाव होने के कारण यहां से वाहनों को निकालना जोखिम भरा हो गया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रास्ते पर आवागमन नियंत्रित किया गया है।
मंडला में नर्मदा का जलस्तर घटा
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर भले ही कम होने लगा है, लेकिन बारिश के कारण स्थानीय जलस्रोतों और नदी-नालों में पानी का दबाव बना हुआ है। यहां छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। इसके चलते लोगों की आवाजाही प्रभावित है।
शाजापुर, विदिशा और रायसेन में भी भारी बारिश
शाजापुर, विदिशा, अकोदिया, सलसलाई और रायसेन सहित कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह घरों, दुकानों और सरकारी भवनों में पानी घुसने की खबर है।
किसानों के लिए बारिश बनी राहत की उम्मीद
लगातार बारिश जहां शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त बारिश की जरूरत थी।
किसानों के लिए बारिश बनी राहत की उम्मीद
लगातार बारिश जहां शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त बारिश की जरूरत थी।
प्रशासन अलर्ट, जलभराव वाले इलाकों पर नजर
प्रदेश में भारी बारिश के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। नदी-नालों, पुल-पुलियाओं और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। जिन रास्तों पर पानी का बहाव बढ़ गया है, वहां लोगों की आवाजाही रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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