
भोपाल। नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में रविवार को आज़ाद समाज पार्टी (ASP) के नेता दामोदर यादव मंडल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। नागपुर स्थित दीक्षाभूमि से भोपाल लौटते समय दामोदर यादव मंडल सिवनी मालवा में आयोजित सदस्यता अभियान कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे, लेकिन कार्यक्रम स्थल के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन ने पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। आरोप है कि कुछ तथाकथित हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग कार्यक्रम स्थल के बाहर पहले से एकत्रित थे और उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ही दामोदर यादव मंडल की गाड़ी के सामने पुतला दहन किया। घटना के बाद भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
दो घंटे पहले से जुटे थे प्रदर्शनकारी, फिर भी प्रशासन नहीं हुआ सतर्क
स्थानीय सूत्रों के अनुसार विरोध प्रदर्शन करने वाले लोग कार्यक्रम शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही कार्यक्रम स्थल के आसपास जमा हो गए थे। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई। आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रशासन को संभावित विरोध और तनाव की पूरी जानकारी थी, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। प्रदर्शनकारियों ने न केवल नारेबाजी की बल्कि दामोदर यादव मंडल के काफिले के सामने पुतला दहन कर माहौल को और अधिक उग्र बना दिया। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन विरोध को रोकने के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
“कार्यकर्ताओं को नहीं रोकता तो हो सकती थी बड़ी घटना”- यादव
घटना के बाद दामोदर यादव मंडल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह केवल सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से तनाव पैदा करने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि यदि उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की अपील नहीं की होती, तो मौके पर बड़ा विवाद या हिंसक स्थिति पैदा हो सकती थी। उन्होंने इसे उनकी सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। मंडल ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक नेता की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुए।
भीम आर्मी और ASP कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
घटना के बाद भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। समर्थकों का आरोप है कि प्रशासन ने जानबूझकर विरोध प्रदर्शन को बढ़ावा दिया और समय रहते हालात को नियंत्रित नहीं किया। कई कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में पहले से विरोध की सूचना हो, तो पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री और डीजीपी से कार्रवाई की माँग
मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है और इसे लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएँ तेज हो गई हैं। दामोदर यादव मंडल के समर्थकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के डीजीपी से पूरे मामले का संज्ञान लेने की माँग की है। समर्थकों ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर आ सकती है।
क्षेत्र में बना रहा तनाव, पुलिस रही अलर्ट
घटना के बाद सिवनी मालवा क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को नियंत्रित करने का दावा किया। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच इस घटना को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.
यहां सपोर्ट करें