MP: धीरेंद्र शास्त्री के भाई सालिग्राम पर गोली मारने का आरोप, भागते हुए सामने आया वीडियो!

जमीन विवाद के बीच चली गोली, युवक गंभीर रूप से घायल
MP: धीरेंद्र शास्त्री के भाई सालिग्राम पर गोली मारने का आरोप, भागते हुए सामने आया वीडियो!
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भोपाल। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई सालिग्राम गर्ग पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। घटना राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव की बताई जा रही है, जहां कथित जमीन विवाद के दौरान फायरिंग हुई। गोली युवक के सीने में लगी और पसलियों में जा फंसी। गंभीर हालत में घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाल दी। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।

घायल का आरोप- घर से बाहर खींचकर की मारपीट, फिर सालिग्राम ने की फायरिंग

घायल युवक मोतीलाल कुशवाहा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि सालिग्राम गर्ग उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। मोतीलाल के अनुसार, बुधवार सुबह सालिग्राम गर्ग अपने साथ सतीश सिंह घोष, तुलसी मिश्रा, आशीष और अन्य लोगों के साथ उसके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने उसे घर से बाहर खींच लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद सालिग्राम गर्ग ने तीन से चार राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली उसके सीने में आकर लगी। घायल का कहना है कि यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान भी जा सकती थी।

घटना का वीडियो आया सामने, हथियार लेकर जाते दिखे आरोपी

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग घटनास्थल से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें सालिग्राम गर्ग के होने का दावा किया जा रहा है। घायल युवक के परिजन उनका पीछा करते नजर आते हैं। वीडियो में एक व्यक्ति गुस्से में चिल्लाते हुए कहता सुनाई देता है, "मार... कितनी गोली मारेगा।" वीडियो के एक फ्रेम में सालिग्राम गर्ग के हाथ में हथियार जैसा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे दृश्य पुलिस जांच का विषय हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- मेरा कोई संबंध नहीं, दोषी को मिले कठोर सजा

घटना के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सालिग्राम गर्ग से उनका कोई संबंध नहीं है और यह बात वे लगभग तीन वर्ष पहले सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की कि इस मामले में उनका नाम नहीं जोड़ा जाए क्योंकि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

दूसरे पक्ष ने लगाए पलटवार के आरोप, कहा- हम पर हुआ हमला

दूसरी ओर, सालिग्राम गर्ग के साथ मौजूद बताए जा रहे सतीश सिंह घोष और तुलसी मिश्रा ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मोतीलाल कुशवाहा और उसके साथियों ने पहले उन पर हमला किया था। आरोप है कि रास्ता रोककर मारपीट की गई और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस बोली- दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच जारी, जुटाए जा रहे साक्ष्य

छतरपुर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं तथा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। खजुराहो एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल को मौके पर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।

ओबीसी और कुशवाहा समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखने को मिली। ओबीसी महासभा से जुड़े दामोदर यादव, आरडी प्रजापति, कुशवाहा समाज के जिला अध्यक्ष शंभू कुशवाहा सहित कई सामाजिक नेताओं ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

पहले भी कई विवादों में आ चुका है सालिग्राम गर्ग का नाम

यह पहली बार नहीं है जब सालिग्राम गर्ग विवादों में आए हों। फरवरी 2023 में गढ़ा गांव में एक दलित परिवार की शादी के दौरान पिस्टल लहराने, धमकी देने और मारपीट के आरोप लगे थे। उस मामले में उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

इसके बाद अप्रैल 2024 में सागर जिले के मुगवारी टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों से कथित मारपीट और हंगामे का मामला भी सामने आया था। इस घटना में भी पुलिस ने सालिग्राम गर्ग और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

दिसंबर 2024 में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनका पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम से कोई संबंध नहीं है। बाद में भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके व्यक्तिगत मामलों का बागेश्वर धाम या धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से कोई लेना-देना नहीं है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल छतरपुर गोलीकांड की जांच जारी है। एक ओर घायल युवक ने सालिग्राम गर्ग पर सीधे गोली मारने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर दूसरे पक्ष ने खुद पर हमला होने का दावा किया है। पुलिस वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और किस पक्ष की भूमिका क्या रही। फिलहाल पूरे मामले ने छतरपुर सहित प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है।

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