12 अक्टूबर Delhi Protest | Live Updates: 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' में उमड़ा जन सैलाब; मोदी-शाह के खिलाफ़ दिखा आक्रोश

दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन और रैलियों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान (पूर्वी दिल्ली) को अधिसूचित किया, जंतर मंतर डिनोटिफाईड
बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में उमड़ा जन सैलाब, भीड़ ने लगाये नारे, " वोट चोर, गद्दी छोड़"
बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में उमड़ा जन सैलाब, भीड़ ने लगाये नारे, " वोट चोर, गद्दी छोड़"

अखिलेश यादव: डेमोक्रेसी को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी, धरना प्रदर्शन चलता रहेगा

I.N.D.I.A ब्लॉक के विरोध मार्च पर समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने कहा, "आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। डेमोक्रेसी को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है; भारतीय जनता पार्टी, इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर, संविधान और डेमोक्रेसी को खत्म करना चाहती है। वे हमेशा सत्ता में बने रहना चाहते हैं। वे नकली वोटर लिस्ट बनाते हैं, बोगस वोट डालते हैं, और चुनाव के नतीजे बनाते हैं..."

सुप्रीम कोर्ट के वकील भी मार्च में शामिल 

इंडिया ब्लॉक की अगुवाई में शुरू हुए मार्च फॉर डेमोक्रेसी में सुप्रीम कोर्ट के वकील भी शामिल हुए, वोट चोरी के विरोध में हो रहे इस मार्च में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "...ये कोई विरोध मार्च नहीं है। हम एक सिद्धांत के लिए जा रहे हैं।"

राहुल गांधी ने शुरू किया पैदल मार्च 

SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च शुरू हो गया है। राहुल समेत विपक्ष के नेता बस से उतरकर पैदल मार्च कर रहे हैं। इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, आइसा की नेता नेहा बोरा भी शामिल हैं। मार्च के पहले राहुल गांधी ने 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल बोले, " दिल्ली को किला बना दिया गया है, नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार, ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। पुलिसवाले कह रहे हैं-हम से देश के युवाओं को पिटवाया जा रहा है, लेकिन RSS के लोगों को फ्री घूमने दिया जा रहा है। यही BJP-RSS के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं।"

यह शक्ति प्रदर्शन नहीं;  इलेक्शन सिस्टम के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध: वेणुगोपाल 

'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' को लेकर कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने कहा: यह कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है। यह चीफ इलेक्शन कमिश्नर और इलेक्शन सिस्टम के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने के लिए CEC को अपने टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

हम सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन फाइल करने जा रहे हैं। ;हमारी लड़ाई CJI या SC के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई CEC, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ है जो इस देश की डेमोक्रेटिक वैल्यू और उसूलों को खत्म कर रहे हैं।

इंडिया ब्लॉक का मार्च फॉर डेमोक्रेसी, आइसा और भाकपा भी साथ 

INDIA Alliance के नेता, सांसद और विपक्ष के अन्य प्रतिनिधि, CPI(ML) लिबरेशन के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य, PBM रवि राय, AISA प्रेसिडेंट नेहा और CPI(ML) लीडर बालाजी आदि के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू करने के लिए मंडी हाउस पहुंचने की जानकारी है।

बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, SIR प्रोसेस पर तुरंत रोक लगाने और डेमोक्रेटिक आवाज़ों पर पुलिस के दबाव को खत्म करने की मांग वाली एक पिटीशन सबमिट की जाएगी।

जंतर मंतर को प्रोटेस्ट साईट डिनोटिफाई करने पर CJP गुस्सा 

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने पर सीजेपी टीम ने नाराजगी जाहिर की है. पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने एक बयान में कहा, "जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। क्या गृह मंत्रालय ने भारत के लोगों से सलाह ली? क्या किसी स्टेकहोल्डर से सलाह ली गई? क्या किसी ऑर्गनाइज़ेशन से सलाह ली गई? लिखकर ले लो- जैसे वे लोगों के जंतर-मंतर को डीनोटिफ़ाई कर रहे हैं, वैसे ही प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में डेमोक्रेसी को डीनोटिफ़ाई करेंगे। यह कदम उसी तरफ़ एक कदम है। हम इस मनमाने फ़ैसले को मंज़ूर नहीं करते। यह लोगों के विरोध करने और शांति से इकट्ठा होने के बुनियादी अधिकार पर हमला है। अब पूरा देश जंतर-मंतर बन रहा है!

जंतर-मंतर पर अब विरोध-प्रदर्शन नहीं होंगे

गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया। अब विरोध-प्रदर्शन और रैलियों के लिए ये तीन अधिसूचित स्थान रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान (पूर्वी दिल्ली) ही रहेंगे. दिल्ली पुलिस के अनुसार इन तीन जगहों पर प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए डिटेल SOP अलग से जारी करेगी।

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