
दिल्ली- जंतर मंतर पर एक माह तक चले आंदोलन के दौरान छात्रों को मुफ्त खाना-पानी बांटने वाले समाज सेवी मोहम्मद जुनैद के परिवार के कुछ लोगों को यूपी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी ने तीखा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के ठीक बाद पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि अगर योगी जी यह वीडियो देख रहे हैं तो जुनैद भाई के परिवार वालों को तुरंत रिहा किया जाए, वरना यूपी में दूसरा जंतर मंतर खड़ा कर दिया जाएगा और यहां जितने उत्तर प्रदेश के छात्र दिख रहे हैं उससे पांच सौ गुना ज्यादा छात्र जुनैद भाई के समर्थन में यूपी पहुंचेंगे।
दो दिन पहले खबर आई थी कि जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों को लगातार खाना और पानी उपलब्ध कराने वाले मोहम्मद जुनैद के परिवार के सदस्यों को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। गाजियाबाद के नहल गांव स्थित उनके घर पर पुलिस पहुंची, दस्तावेज जब्त किए गए और जुनैद को दिल्ली छोड़कर यूपी आने को कहा जा रहा था। जुनैद के पिता को दो बार हिरासत में लिया गया, उनके नाबालिग भाई और मेरठ में रह रहे कुछ परिजनों को भी परेशान किया गया। जुनैद ने बताया कि मेरठ में रहने वाली उनकी बहन के ससुर को भी पुलिस ले गयी जबकि उनके जुनैद के परिजनों के पासबुक और आधार कार्ड आदि दस्तावेज भी पुलिस ने रख लिए।
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे असंवेदनशील और दमनकारी कार्रवाई करार दिया है। पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा गया कि अपराधियों के पीछे जाने की जगह पुलिस उस वालंटियर के पीछे पड़ी हुई है जो छात्रों को खाना-पानी उपलब्ध करा रहे थे।
जुनैद का दावा है कि "मेरे भाई-बहन समेत सबकी पासबुक, आधार कार्ड जब्त कर लिए गए, पुलिस का कहना है कि मुझे लाकर दो तो छोड़ देंगे." उन्होंने कहा, "मैं शून्य अपराधी हूं. मेरी गलती सिर्फ यह है कि मैं लोगों की यहां सिर्फ सेवा क्यों कर रहा हूं।"
मोहम्मद जुनैद जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे वालंटियर में से एक हैं। गाजियाबाद से आने वाले जुनैद ने प्रदर्शन की शुरुआत से ही वहां मौजूद छात्रों और कार्यकर्ताओं के लिए मुफ्त खाना, चाय, ठंडा पानी, ओआरएस और स्नैक्स का इंतजाम किया। गर्मी के मौसम में दूर-दूर से आए छात्रों को भूखा न रहने देने के लिए उन्होंने सामूहिक रूप से व्यवस्था की और कई दिनों तक लगातार सेवा में लगे रहे। वे किसी बड़े राजनीतिक चेहरे के रूप में नहीं, बल्कि एक आम वालंटियर के रूप में चर्चा में आए जिन्होंने आंदोलन को जमीन पर मजबूती दी। पार्टी की समन्वय समिति में भी उनका नाम शामिल रहा।
आशुतोष रांका ने कहा कि छात्रों की जीत के बाद भी जो लोग आंदोलन के दौरान मदद कर रहे थे उनके परिवारों को परेशान करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से सीधा अपील करते हुए परिवार की तुरंत रिहाई की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि अगर यह नहीं हुआ तो उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि जुनैद जैसे वालंटियर को निशाना बनाने से आंदोलन की भावना को कमजोर नहीं किया जा सकता।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.
यहां सपोर्ट करें