
नई दिल्ली- लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को फर्जी सेक्स रैकेट से जोड़ने वाली एबीपी न्यूज़ की खबर पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा स्वतः संज्ञान लेने की सूचना देने वाला ट्वीट अब डिलीट कर दिया गया है। फेसबुक पोस्ट भी हटा दी गई है। इस घटना के बाद नेहा ने वीडियो जारी कर आयोग पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग दबाव में आकर पीछे हट रहा है।
17 अक्टूबर को एबीपी न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक करीब नौ सेकंड का वीडियो/रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इसमें नेहा सिंह राठौर का नाम और फोटो इस्तेमाल करते हुए हेडलाइन दी गई थी - ‘नेहा सिंह राठौर वाले हॉस्टल में सेक्स रैकेट? पुलिस ने मारा छापा!’
नेहा ने तुरंत इस खबर का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह मनगढ़ंत और जानबूझकर चरित्र हनन करने वाली खबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि चैनल ने उन्हें “कॉल गर्ल” और “प्रॉस्टिट्यूट” साबित करने की कोशिश की है। उन्होंने इसे “सुपारी पत्रकारिता” करार दिया।
सार्वजनिक आलोचना और सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध के बाद एबीपी न्यूज़ ने खुद स्वीकार किया कि रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत थी और माफी जारी की। चैनल ने तीन डिजिटल कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाल दिया। लेकिन नेहा ने माफी स्वीकार नहीं की। उन्होंने साफ कहा, “इनकी फर्जी खबर के स्क्रीनशॉट हमेशा ऑनलाइन मौजूद रहेंगे और इन्हें हमेशा मेरे खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा। क्या मेरे इस नुकसान की भरपाई माफीनामे से हो जाएगी? मुझे माफी नहीं, न्याय चाहिए।”
19 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, ईएमएमसी, एनबीडीए और डीपीसीजीसी जैसी संस्थाओं को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश देने को कहा था। आयोग ने 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी थी।
अब करीब 17 दिन बीत जाने के बाद आयोग का वह ट्वीट और फेसबुक पोस्ट हटा दिया गया है। नेहा ने 4 और 5 नवंबर को कई वीडियो और पोस्ट जारी कर सवाल उठाए हैं।
नेहा ने एक वीडियो में कहा, “एक महिला ही दूसरी महिला की मजबूरी समझ सकती है। मैं भी राष्ट्रीय महिला आयोग की मजबूरी समझ रही हूँ। जो महिला आयोग अपना ट्वीट नहीं बचा पा रहा, वो देशभर की महिलाओं का सम्मान क्या खाक बचाएगा! तुमको तो खुद संरक्षण की जरूरत है, NCWIndia। तुम तो खुद दया के पात्र हो!”
उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए पूछा, “आप इस देश के सूचना और प्रसारण मंत्री हैं। पूरे देश का सूचना विभाग और मीडिया आपके नियंत्रण में है। ऐसे में अगर @ABPNews फर्जी खबर चलाकर मुझे प्रॉस्टिट्यूट बोल रहा है तो तीन ही बातें हो सकती हैं—1. ये काम आपके आदेश से हो रहा है, 2. ये काम आपकी अनुमति से हो रहा है, या 3. @ABPNews पर आपका कोई नियंत्रण ही नहीं रह गया है। मुझे बताइए सही बात क्या है?”
नेहा ने आगे कहा कि एबीपी न्यूज़ को 29 अक्टूबर को मानहानि का नोटिस भेज दिया गया है। कानूनी लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी। लेकिन उन्होंने आयोग से सहयोग की उम्मीद जताई थी। उन्होंने सवाल किया, “क्या राष्ट्रीय महिला आयोग खुद दबाव में है? NCWIndia आखिर किसके दबाव में है? स्वतः संज्ञान लेने की सूचना देने वाला ट्वीट क्यों डिलीट किया गया? क्या स्वतः संज्ञान लेने की बात झूठ थी? क्या पूरे देश से झूठ बोला गया?”
नेहा ने साफ कहा कि वे कानूनी रास्ता अपनाएंगी, लेकिन महिला आयोग जैसी संस्था का पीछे हटना उन्हें निराश कर रहा है।
यह मामला महिलाओं के खिलाफ मीडिया में फैलाई जा रही फर्जी खबरों, चरित्र हनन और डिजिटल उत्पीड़न की गंभीरता को एक बार फिर रेखांकित कर रहा है। साथ ही यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि क्या नियामक संस्थाएं दबाव में आकर अपने रुख से पीछे हट रही हैं।
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