बिकिनी पर 'रेप की धमकी' और 'कामवाली-कबाड़न' के ताने: ख्याति श्री ने क्यों कहा- जाति व्यवस्था 3000 साल पुरानी बीमारी है?

कॉर्पोरेट लॉयर से कंटेंट क्रिएटर बनीं ख्याति श्री ने कहा कि, 'बिकिनी पहनने पर रेप की धमकी और कामवाली बाई कहकर लोग सोशल मीडिया पर उड़ाते हैं मजाक.'
Khyati Shree Instagram Post.
सांवला रंग, सस्ते कपड़े और गैर-एलीट होना गुनाह है क्या? आखिर ख्याति श्री की कामयाबी से 'एलीट समाज' को इतनी जलन क्यों है?फोटो साभार- @khyatishree2 (इन्स्टाग्राम)
Published on

करीब 5 साल पहले ही कलप्रीट लॉयर का काम छोड़ कर अब फुल टाइमर कंटेंट क्रिएटर बन चुकीं ख्याति श्री नईं-नईं जगहों पर घूमने, लोगों से मिलने-बातें करने और जीवन के हर पल को खुशी से जीने के तमाम झलकियों पर कंटेंट बनाती हैं।

एक गैर-प्रिविलेज्ड बैकग्राउंड की महिला के तौर पर यह सब करने के दौरान ख्याति को गलियां, तिरस्कार और धमकियां भी खूब झेलनी पड़ती हैं। ख्याति का मानना है कि लोग अक्सर चाहते हैं कि, वह जैसा चाहें वैसा ही हम रहें, पहनें और व्यवहार करें।

हाल ही में ख्याति ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "3000 साल पुरानी समस्या.."

वैसे तो 3000 साल पहले बहुत सारी समस्याएं रही होंगीं, लेकिन उनका इशारा समाज में महिलाओं के कामकाज को हीन भावना से देखे जाने या उसे कमतर आंकने, उसे गाली की तरह यूज करने पर था।

ख्याति द मूकनायक को बताती हैं कि, उनके कंटेंट पर अक्सर उन्हें धमकियां मिलती रहती हैं। कभी उनके समुन्द्र के किनारे बीच पर क्लिक किये गए उनके "बिकनी" वाले कंटेंट पर लोग सरकार को टैग करके कार्रवाई की मांग करते हैं तो कभी रेप की धमकी देते हैं।

ख्याति कहती हैं कि, "मेरे बिकनी पहनने पर मुझपे कार्रवाई की मांग करते हैं लोग। क्यों न मेरे बिकनी पहनने पर आपत्ति करने वाले लोगों पर कार्रवाई हो? उनके दिमाग में ऐसे क्यों ख्याल आते हैं कि मुझे यह पहनना चाहिए या नहीं?"

"वह तय करना चाहते हैं कि मैं क्या पहनू और क्या न पहनू। उन्हें अक्सर हमारे लुक और अपीयरेंस से दिक्कत होती है", ख्याति ने कहा।

हाल के उनके किसी रील पर आए कमेंट में उन्हें "बर्तन धोने वाली बस्ती की कबाड़न", "काम वाली बाई", कहा गया।

हालांकि, ख्याति इससे अधिक चिंतित हैं कि ऐसी टिप्पणियों के अलावा उन्हें पागल या बेवकूफ़ भी लोग कह सकते थे, लेकिन किसी काम को, जिससे एक महिला का गुजर-बसर चल रहा है, उसे हीन भावना से देखना और उस काम को गाली की तरह उपयोग करना कहां तक सही है..।

वीडियो कंटेंट बनाने के लिए बग़ैर किसी भारी-भरकम तैयारी, महंगे मेकअप, लग्ज़री कपड़ों के बिना ख्याति अक्सर सामान्य फुटकर मार्केट से कपड़े या छोटी-मोटी अपनी जरूरत की चीजें खरीदती हैं।

उन्होंने बताया कि "मेरे वीडियो कंटेंट के सूट अक्सर सामान्य और गैर-प्रोफेशनल होते हैं। कम से कम बजट में हमारे पास जो भी पहनने और सूट करने के लिए होता है उसी में मैं कंटेंट बनाती हूं।"

"अक्सर बाहर लगने वाले मार्किट से कम बजट वाले कपड़े लेती हूं, उसे पहनकर काम चला लेती हूं। इसके बावजूद मुझे लोगों का खूब सपोर्ट मिलता है। लोग पसंद करते हैं। इसी में कुछ लोग ऐसे भीं हैं जो यह बात नहीं सह पाते", ख्याति ने कहा।

वह महसूस करती हैं कि लोगों को यह गंवारा नहीं कि किसी एलीट तबक़े से आने वाली आर्टिस्ट की तुलना में मेरी जैसी सांवली, औरों से थोड़ी कम खूबसूरत, और गैर-विशेषाधिकार वाली पृष्ठभूमि की लड़की के पास इतनी फैन फॉलोइंग कैसे हो गई? उसे ज़्यादा देखने वाले लोग कैसे हैं?

"लोग इन चीजों से थोड़ा असहज होते हैं। अगर मैं भी एलीट फैमिली से होती तो शायद मेरे साथ ये चीजें कम होतीं," ख्याति ने द मूकनायक को बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ख्याति श्री के 1.4 मिलियन फॉलोवर्स हैं। जिसमें पेड-सब्सक्राइबर्स भी हैं, जो उनके प्रीमियम कंटेंट देखने के एवज में हर माह उन्हें भुगतान भी करते हैं।

Khyati Shree Instagram Post.
फेमिनिस्ट ख्याति श्री ने बताया पुरुषप्रधान समाज में महिलाओं की क्या स्वतंत्रता होनी चाहिए?
Khyati Shree Instagram Post.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को एसिड अटैक की धमकी: पति की शिकायत पर बेंगलुरू युवक को नौकरी से निकाला
Khyati Shree Instagram Post.
खरगोन में टंट्या मामा के सम्मान से खिलवाड़, मार्बल के टेंडर पर थमा दी फाइबर की मूर्ति, फिर शुरू हुआ एकदूसरे पर दोष मढ़ने का पुराना खेल

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com