
उत्तर प्रदेश/गोरखपुर: पिपराइच थाने में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पारिवारिक विवाद के बाद थाने लाए गए एक 32 वर्षीय युवक और उसके रिश्तेदार के साथ पुलिस स्टेशन के अंदर ही बुरी तरह मारपीट की गई। इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की गहन विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
इस पूरी घटना की शुरुआत सोमवार रात को हुई थी। पुलिस के मुताबिक, महमूदबाद उर्फ मोगलपुरा के रहने वाले अब्दुल रहीम का अपने साले शाहरुख के साथ शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हो गया। जब दोनों के बीच विवाद ज्यादा बढ़ गया, तो शाहरुख ने पुलिस की इमरजेंसी हेल्पलाइन पर फोन कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम दोनों युवकों को काउंसलिंग के जरिए मामला शांत कराने के इरादे से थाने ले आई।
हालांकि, परिजनों का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद समझौता कराने की बजाय पुलिसकर्मियों ने अब्दुल रहीम और शाहरुख दोनों को बेरहमी से पीटा। परिवार का दावा है कि इस अमानवीय मारपीट में अब्दुल रहीम को काफी गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि जब थाने में ही उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए उसे वापस घर भेज दिया।
मंगलवार की सुबह तक जब अब्दुल रहीम की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो घबराए परिजन उसे तुरंत पास के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं, इस घटना में घायल हुए दूसरे युवक शाहरुख को भी इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। चौरी चौरा के सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि घटना की प्रारंभिक जांच कराई गई है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात सिपाही अजय कुमार यादव पारिवारिक विवाद को लेकर अब्दुल रहीम और दूसरे पक्ष की काउंसलिंग कर रहा था। इसी दौरान उनके बीच कोई कहासुनी हुई और सिपाही ने अनुचित व अमर्यादित व्यवहार किया।
सीओ कुंदन सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में इस तरह का आचरण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के चलते आरोपी सिपाही अजय कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए उसके खिलाफ एक विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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