लखनऊ: अवैध चेंबरों पर चला नगर निगम का बुलडोजर, विरोध में पहियों के आगे लेटे वकील, रोती रहीं महिला अधिवक्ताएं

लखनऊ जिला अदालत के बाहर नगर निगम का बड़ा एक्शन; हाईकोर्ट के आदेश पर 100 अवैध चेंबर ध्वस्त, बुलडोजर के आगे लेटकर वकीलों ने किया भारी विरोध।
Lucknow District Court, illegal chambers demolished
लखनऊ जिला अदालत के बाहर हाईकोर्ट के आदेश पर वकीलों के 100 अवैध चेंबर ध्वस्त। बुलडोजर एक्शन के विरोध में सड़क पर उतरे वकील।Pic Credit- TOI
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को जिला अदालत के बाहर एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) ने सख्त कार्रवाई करते हुए वकीलों के करीब 100 अनधिकृत चेंबरों और अन्य निर्माणों को जमींदोज कर दिया। इस दौरान भारी हंगामा देखने को मिला और आक्रोशित वकील ध्वस्तीकरण रोकने के लिए बुलडोजर पर चढ़ गए।

कैसरबाग बस डिपो और अदालत के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान कई महिला वकील भावुक हो गईं और उनके आंसू छलक पड़े। विरोध की शुरुआत वकीलों के सड़क पर बोरियां बिछाकर धरने पर बैठने और नारेबाजी करने से हुई। जैसे-जैसे तनाव बढ़ा, कुछ वकील मशीन के पहियों के ठीक आगे लेट गए। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की पूरी कोशिश की, जबकि नगर निगम की टीम अपना काम करती रही।

ढांचे गिराने और मलबा हटाने के लिए नगर निगम ने जेसीबी और डंपर सहित कई भारी मशीनों को मौके पर तैनात किया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। वकीलों ने नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उनकी अपील खारिज कर दी गई थी।

यह ध्वस्तीकरण अभियान शुरुआत में 11 अक्टूबर को होना तय था। हालांकि, प्रभावित लोगों को जारी किए गए नोटिस पर 14 आपत्तियां मिलने और मामला अदालत में जाने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान दोबारा शुरू करने से पहले सभी आपत्तियों का उचित तरीके से निस्तारण कर लिया गया।

यह बड़ा कदम पिछले साल हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) के तहत कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर उठाया गया है। उस सर्वे में कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर, जिला एवं सत्र न्यायालय, रजिस्ट्री कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास की सड़कों पर 241 अनधिकृत चेंबरों की पहचान की गई थी।

मई और अगस्त के बीच दो चरणों में भी यहां अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया था। इसके तहत लखनऊ नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने 30 अगस्त को 72 अवैध चेंबरों को ढहा दिया था।

लखनऊ नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने सिविल कोर्ट से रेजीडेंसी रोड स्थित बलरामपुर अस्पताल तक सड़क किनारे बने अनधिकृत चेंबरों को हटाने का स्पष्ट आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अदालत परिसर के बाहर नालों, फुटपाथों और सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को विधिवत नोटिस भी जारी किए गए थे।

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