लाठीचार्ज को लेकर बीपीएससी अभ्यर्थियों में गुस्सा, कहा- बिहार में तानाशाही अब भी कायम

प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया।
बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग
बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग
Published on

पटना। जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा रविवार को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन किया गया था। इसके लिए लिए प्रशासन ने उनको अनुमति नहीं दी थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया।

प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बावजूद प्रशांत किशोर अपने समर्थक छात्रों को लेकर गांधी मैदान पहुंचे। गांधी मैदान से प्रशांत किशोर के नेतृत्व में छात्र सीएम आवास का घेराव करने के लिए निकले। रास्ते में उन्हें बार-बार प्रशासन के द्वारा समझाया गया। फिर भी छात्र नहीं माने और बेरिकेड‍िंंग तोड़ कर आगे निकलने लगे। वहीं प्रशांत किशोर बीच रास्ते से लौट गांधी मूर्ति के पास बैठ गए और वहां से निकल गए।

वहीं, छात्र लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, तब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और हल्का बल प्रयोग किया। इसमें कई छात्र घायल भी हो गए । जिन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

महिला अभ्यर्थी अंशिका सिन्हा ने आईएएनएस को बताया कि "एक लोकतांत्रिक देश में ऐसा तानाशाह कैसे हो सकता है । हम लोग छिप भी रहे थे तब भी लाठीचार्ज किया गया। सरकार अगर सोच रही है कि ऐसे तानाशाही कर के वो हमारी आवाज़ को बंद कर देंगे, वो गलत है । हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक री एग्जाम नहीं हो जाता।"

एक अन्य छात्रा रूबी ने कहा कि "सरकार ने छात्रों को मारापीटा है, आपने ये दिखाया है कि ब‍िहार में तानाशाही अब भी कायम है। ये उबाल नहीं खत्म होगा। आपने बच्चों को तोड़ा है, उनके कलम नहीं तोड़ पाएंगे। ये प्रोटेस्ट जारी रहेगा, जब तक री एग्जाम नहीं करवा लेते हैं।"

Inputs With IANS

बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग
MP: बोरवेल में गिरे बच्चे की मौत, 16 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन लेकिन नहीं बच सकी जान
बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग
उत्तर प्रदेश: बिजली विभाग के अधिकारी ने समुदाय विशेष को दी भद्दी गालियां, ऑडियो वायरल तो बिठाई जांच
बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग
AIIMS Bhopal ने बच्चों में ब्लड कैंसर के इलाज में रचा इतिहास, हापलो-आइडेंटिकल बोन मैरो ट्रांसप्लांट में मिली सफलता

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com