भोपाल: 'लव जिहाद' के आरोप में युवक की पिटाई, बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज

भोपाल के एक निजी होटल में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा 'लव जिहाद' के शक में एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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भोपाल में 'लव जिहाद' के आरोप में बजरंग दल द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।(Ai Image)
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'लव जिहाद' के आरोप में एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। मंगलवार, 12 मई 2026 को पुलिस ने इस घटना के संबंध में कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई एक दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन वीडियो के आधार पर की गई है, जिनमें कुछ लोग एक होटल से युवक को बाहर खींचकर पीटते हुए नजर आ रहे थे।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित की पहचान शहर के जहांगीराबाद इलाके के रहने वाले 27 वर्षीय आरिफ खान के रूप में हुई है। इस संबंध में विभिन्न व्यक्तियों और समुदाय के नेताओं से मिली शिकायतों के बाद गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भोपाल की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मोनिका शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है।

इससे पहले 11 मई को कई वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन फुटेज में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का एक समूह भोपाल के गौतम नगर स्थित एक निजी होटल के कमरे में जबरन घुसता और युवक की पिटाई करता दिख रहा है।

The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो में भगवा गमछा पहने कुछ लोग 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए पुलिस की मौजूदगी में युवक के चेहरे पर गोबर मलते और उसे थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। इस दौरान बचाव करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

मारपीट के बाद भीड़ ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह युवक एक हिंदू महिला के साथ पकड़ा गया था और वह 'लव जिहाद' में शामिल था। उनका दावा है कि मुस्लिम युवक इस तरह से हिंदू महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाते हैं।

गोविंदपुरा थाने के प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि यह पूरी घटना 10 मई की है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत केस दर्ज किया है, जो किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से आहत करने से संबंधित है। तोमर ने आगे बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए वायरल वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है।

थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने 11 मई, 2026 को ही इस मामले का संज्ञान ले लिया था, लेकिन उस वक्त लड़की के परिवार और खुद युवक ने कोई भी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था। अब अन्य लोगों की ओर से शिकायतें मिलने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने युवक और महिला को यह सोचने का समय दिया है कि क्या वे खुद कोई कानूनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं या नहीं।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित आरिफ खान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी और चोरी सहित कम से कम पांच मामले लंबित हैं। वहीं, नाम न छापने की शर्त पर एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के आधिकारिक बयान अभी दर्ज नहीं हुए हैं। हालांकि, उसने स्वीकार किया है कि वह उस युवक के साथ रिश्ते में थी और दोनों अपनी मर्जी से होटल गए थे।

इस बीच, भोपाल के वकील और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बुंदेले ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को पत्र लिखा है। उन्होंने आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने और भविष्य में 'मोरल पुलिसिंग' जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश देने की मांग की है।

दीपक बुंदेले ने इस घटना को मौलिक और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और भोपाल के जिलाधिकारी (डीएम) को नोटिस जारी कर निष्पक्ष जांच की रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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