ग्वालियर: बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के विरोध में मंगलवार को प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च को प्रशासन द्वारा रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने प्रशासन के इस निर्णय को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।
धारा 163 (BNSS) का सहारा लेने पर भड़के खोड़ावाल
ग्वालियर प्रशासन ने 6 जनवरी को प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन और पैदल मार्च को रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का हवाला दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खोड़ावाल ने कहा कि एक तरफ महापुरुषों का अपमान किया जा रहा है और जब समाज न्याय मांगता है, तो पुलिस के बल पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, "यह धारा 163 का डर हमें नहीं, बल्कि उस विचारधारा को है जो बाबा साहब के विचारों से घबराती है। प्रशासन की तानाशाही के आगे बहुजन समाज झुकने वाला नहीं है।"
'कलम और संविधान की ताकत लाठी से बड़ी'
अतुल खोड़ावाल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति न देकर आक्रोश को शांत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "याद रहे, कलम और संविधान की ताकत किसी लाठी या सरकारी आदेश से बड़ी होती है। डॉ. अंबेडकर साहब का अपमान स्वाभिमान की लड़ाई है और यह अब घर-घर तक पहुँचेगी।"
अपराधियों पर देशद्रोह और NSA लगाने की मांग
बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) ने मांग की है कि बाबा साहब का अपमान करने वाले अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (देशद्रोह) और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। पार्टी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, पार्टी चैन से नहीं बैठेगी।
जल्द तैयार होगी बड़े आंदोलन की रूपरेखा
प्रशासनिक रोक के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। हालांकि, खोड़ावाल ने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रशासन की इस दमनकारी नीति के खिलाफ जल्द ही एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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