अंबेडकर जयंती पर कासगंज, लखीमपुर खीरी और आगरा में तनाव; जुलूस और मूर्ति स्थापना को लेकर हिंसक झड़प

उत्तर प्रदेश के कासगंज और लखीमपुर खीरी में अंबेडकर जयंती के जुलूस और मूर्ति स्थापना को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हुई। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी और पथराव किया। आगरा में भी झंडे लगाने को लेकर तनाव, पुलिस बल तैनात।
अंबेडकर जयंती पर कासगंज और लखीमपुर में बवाल, पथराव
अंबेडकर जयंती पर कासगंज और लखीमपुर में बवाल, पथरावफोटो साभार- सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश: मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कासगंज, लखीमपुर खीरी और आगरा जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बवाल देखने को मिला। इन इलाकों में झड़प और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद तनाव का माहौल बन गया है।

कासगंज में जहां एक मोहल्ले से जुलूस निकालने को लेकर दलित और यादव समुदाय के बीच विवाद हो गया, वहीं लखीमपुर खीरी में मूर्ति स्थापित करने के मुद्दे पर दलित समुदाय के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और उपद्रवियों ने पुलिस की एक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, कासगंज के चाहक गुन्नार गांव में यह बवाल तब शुरू हुआ जब कथित तौर पर यादव समुदाय के लोगों ने अंबेडकर जयंती के एक जुलूस को रोकने की कोशिश की। इस समूह ने जुलूस को वापस भेजने की मंशा से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों की मदद से रास्ता पूरी तरह बाधित कर दिया था।

दूसरी ओर, अंबेडकर के अनुयायियों ने उसी रास्ते से आगे बढ़ने की जिद पकड़ ली। उनका कहना था कि वे पारंपरिक रूप से हमेशा इसी मार्ग का उपयोग करते आए हैं। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया।

हालांकि, ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस टीम पर ही पथराव शुरू कर दिया। कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने और जुलूस का रास्ता साफ कराने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।

एसपी के अनुसार, इस पथराव में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया है। शांति भंग करने और उपद्रव मचाने के आरोप में पुलिस ने 23 लोगों को हिरासत में लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगा प्रसाद ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में विधिवत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि एक विशेष समुदाय के सदस्यों द्वारा जुलूस को रोकने के पीछे का असली मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी। फिलहाल घटना के वीडियो फुटेज हासिल कर लिए गए हैं और उसी के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उधर, लखीमपुर खीरी के मैगलगंज इलाके में एक अलग ही विवाद देखने को मिला। यहां ग्राम पंचायत की जमीन के एक टुकड़े पर अंबेडकर की मूर्ति लगाने और माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर दलित समुदाय के ही दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई।

लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. ने जानकारी दी कि शाम के समय कुछ युवक ग्राम सभा की खाली जमीन पर अंबेडकर की मूर्ति लेकर पहुंचे थे। जब वे उस मूर्ति को स्थापित कर रहे थे, तभी पास में रहने वाली उसी समुदाय की एक महिला ने इसका कड़ा विरोध किया।

महिला का आरोप था कि यह युवक मूर्ति लगाने की आड़ में बाद में जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेंगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच की यह बहस काफी बढ़ गई और एक बड़े हिंसक टकराव में बदल गई।

हालात बिगड़ते देख जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो दोनों गुटों ने पुलिसकर्मियों पर ही पत्थरों से हमला कर दिया। आईजी के मुताबिक, कुछ उपद्रवी युवकों ने तो पास में खड़ी पुलिस की एक महिंद्रा बोलेरो गाड़ी को भी आग लगा दी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को वहां से खदेड़ना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और अब शांति पूरी तरह से बहाल कर ली गई है। फिलहाल सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से इन उपद्रवियों की पहचान करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

इसके अलावा आगरा में भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। यहां नीले झंडे लिए युवकों का एक समूह उस चबूतरे पर चढ़ गया जहां भगवान परशुराम के फरसे की संरचना बनी हुई है। युवकों ने वहां अपने झंडे लगा दिए।

इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद झंडे लगाने का विरोध करते हुए वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालात को नियंत्रित करने और भीड़ को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी।

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